संदर्भ
- हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत कार्यरत वैज्ञानिक संस्था प्रगत संगणन विकास केन्द्र (C-DAC), हैदराबाद और रिलायंस फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से e-SafeHER पहल की शुरुआत की घोषणा की है।
e-SafeHER पहल क्या है ?
- यह एक साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की लगभग 10 लाख महिलाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ भागीदारी के लिए सक्षम बनाना है।
- रिलायंस फाउंडेशन इस कार्यक्रम को देशभर के ग्रामीण समुदायों, विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ाएगा।
- यह पहल महिलाओं के डिजिटल समावेशन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उद्देश्य
- इस पहल का मुख्य लक्ष्य साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को अंतिम स्तर तक पहुंचाना है। खासकर उन ग्रामीण महिलाओं के बीच, जो अब वित्तीय लेन-देन, आजीविका और जरूरी सेवाओं के लिए तेजी से डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रही हैं।
संस्थाओं की भूमिका
- सी-डैक हैदराबाद और रिलायंस फाउंडेशन के बीच यह सहयोग साइबर सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाने के लिए रणनीतिक रूप से तैयार किया गया है।
- सी-डैक, आईएसईए परियोजना के तहत प्रशिक्षण सामग्री के निर्माण, स्थानीयकरण और निरंतर सुधार का कार्य करेगा, जिसमें बहुभाषी सामग्री भी शामिल होगी।
- रिलायंस फाउंडेशन अपनी जमीनी पहुंच और महिला सशक्तिकरण मंचों के जरिए इस पहल को समुदाय-आधारित और सहकर्मी-नेतृत्व मॉडल के माध्यम से लागू करेगा।
योजना का विस्तार
- इस कार्यक्रम की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से मध्य प्रदेश और ओडिशा में साइबर सखियों के प्रशिक्षण से होगी।
- वर्ष 2029 तक इसे विभिन्न साझेदारियों के माध्यम से 10 लाख महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
- इसे इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह मौजूदा महिला सशक्तिकरण और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों के साथ जुड़कर बिना अतिरिक्त ढांचे के भी जारी रह सके।
- स्थानीय भाषाओं में सामग्री, ऑडियो-विज़ुअल मॉड्यूल और मिश्रित शिक्षण पद्धतियां इसकी प्रभावशीलता और पहुंच को बढ़ाएंगी।
महत्त्व
- यह पहल महिलाओं में साइबर जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी और डिजिटल लेन-देन में उनका आत्मविश्वास मजबूत करेगी।
- सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की दिशा में भी यह ठोस परिवर्तन लाने में सहायक होगी।
- इससे प्राप्त अनुभव और डेटा भविष्य में इस पहल के विस्तार और नीति-निर्माण में उपयोगी साबित होंगे।
- इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचे, सी-डैक की तकनीकी विशेषज्ञता और रिलायंस फाउंडेशन के जमीनी क्रियान्वयन मॉडल का समन्वय इस पहल को प्रभावी बनाता है।
वस्तुतः e-SafeHER का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण भारत की महिलाएं न केवल डिजिटल रूप से जुड़ी हों, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित भी रहें।