New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM

निगमित सेवा क्षेत्र के उद्यमों का पहला वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआईएसएसई)

संदर्भ 

  • भारत की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। इस क्षेत्र की सटीक और विश्वसनीय सांख्यिकीय जानकारी उपलब्ध कराना नीति-निर्माण और आर्थिक विश्लेषण के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने अप्रैल 2026 से निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआईएसएसई) प्रारंभ किया है।  

प्रमुख बिंदु

  • भारत का सेवा क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आधे से अधिक योगदान देता है और करोड़ों लोगों को रोजगार प्रदान करता है। पिछले कुछ दशकों में यह क्षेत्र भारत के आर्थिक परिवर्तन का प्रमुख आधार रहा है। व्यापार, परिवहन, होटल एवं आतिथ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाएं इस क्षेत्र की रीढ़ हैं। 
  • ऐसे में इस क्षेत्र के व्यवस्थित और समेकित आंकड़ों की उपलब्धता आवश्यक हो जाती है, जिसे एएसआईएसएसई के माध्यम से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।  

 एएसआईएसएसई के बारे में  

  • एएसआईएसएसई का उद्देश्य भारत के निगमित सेवा क्षेत्र का एक व्यापक और व्यवस्थित डाटाबेस तैयार करना है। 
  • यह सर्वेक्षण उन कंपनियों को कवर करेगा जो कंपनी अधिनियम, 1956/2013 या सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 के तहत पंजीकृत हैं। 
  • लगभग 1.21 लाख उद्यमों के नमूना आकार के साथ यह सर्वेक्षण विभिन्न परिचालन और आर्थिक संकेतकों को एकत्र करेगा, जो साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी होंगे। 

अन्य सर्वेक्षणों के साथ समन्वय 

  • भारत में पहले से ही विनिर्माण क्षेत्र के लिए उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण (Annual Survey of Industries-एएसआई) संचालित किया जाता है, जबकि गैर-निगमित गैर-कृषि क्षेत्र को ऐनुअल सर्वे ऑफ अनइनकॉर्पोरेटेड सेक्टर एंटरप्राइजेज (एएसयूएसई) के माध्यम से कवर किया जाता है।  
  • एएसआईएसएसई के जुड़ने से अब ये तीनों सर्वेक्षण मिलकर गैर-कृषि अर्थव्यवस्था का एक समग्र और संतुलित चित्र प्रस्तुत करेंगे। इससे राज्य और उद्योग स्तर पर महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों की बेहतर समझ विकसित होगी। 

डेटा संग्रह और विधिक आधार 

  • यह सर्वेक्षण सांख्यिकी संग्रह अधिनियम, 2008 (Collection of Statistics Act, 2008) (2017 संशोधन सहित) तथा जन विश्वास एक्ट, 2023 के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित किया जाएगा।
  • डाटा संग्रहण एक सुरक्षित वेब-आधारित पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और डाटा सुरक्षा सुनिश्चित होगी। 

इसे भी जानो  

  • इस पहल के साथ एनएसओ ने “नो योर सर्वे: एएसआईएसएसई यूजर गाइड” नामक एक विस्तृत दस्तावेज भी जारी किया है। इसका उद्देश्य सर्वेक्षण प्रक्रिया को सरल, स्पष्ट और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है।
  • यह मार्गदर्शिका सर्वेक्षण के उद्देश्यों, कवरेज, अवधारणाओं और परिभाषाओं को विस्तार से समझाती है। साथ ही इसमें अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर और चयनित उद्यमों के लिए रिपोर्टिंग आवश्यकताओं का स्पष्ट विवरण दिया गया है। 
  • इसके अतिरिक्त, इसमें उत्तरदाताओं के लिए एक समर्पित अनुभाग भी शामिल है, जो उनकी शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान करता है। 

वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप 

  • यह दस्तावेज़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम सांख्यिकीय प्रथाओं के अनुरूप तैयार किया गया है। 
  • इसका उद्देश्य केवल डाटा संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि एक जागरूक और सक्रिय डाटा उपयोगकर्ता समुदाय का निर्माण करना भी है। 

निष्कर्ष 

  • एएसआईएसएसई भारत के सेवा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल सटीक और विश्वसनीय डाटा उपलब्ध कराएगा, बल्कि नीति-निर्माण, आर्थिक योजना और शोध के लिए एक मजबूत आधार भी प्रदान करेगा। 
  • साथ ही, पारदर्शिता और उपयोगकर्ता-अनुकूलता पर दिया गया जोर यह दर्शाता है कि भारत की सांख्यिकी प्रणाली वैश्विक मानकों की ओर अग्रसर है। यह पहल अंततः आधिकारिक आंकड़ों में जनविश्वास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X