चर्चा में क्यों ?
- भीषण गर्मी, बेकाबू होती जंगल की आग और समुद्र के बढ़ते जलस्तर ने ग्रीस अधिकारियों को अपने उन पुरातात्विक स्थलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है, जो देश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन की रीढ़ हैं। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, ये स्मारक न केवल सांस्कृतिक गौरव हैं, बल्कि प्रतिवर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित कर देश के राजस्व में करोड़ों डॉलर का योगदान भी देते हैं।
तात्कालिक आवश्यकता
- ग्रीस के संस्कृति मंत्रालय द्वारा किए गए एक व्यापक अध्ययन में 19 ऐसे स्मारकों की पहचान की गई है, जिन्हें प्राकृतिक आपदाओं से तत्काल सुरक्षा की आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक इस सुरक्षा घेरे को 40 प्रमुख स्थलों तक विस्तारित करना है।
चिंता के मुख्य विषय
- जंगल की आग : प्राचीन ओलंपिया (ओलंपिक खेलों का जन्मस्थान) घनी और सूखी वनस्पतियों के कारण लगातार आग के खतरे में रहता है। 2007 में यहाँ लगी आग ने व्यापक तबाही मचाई थी।
- भूस्खलन : डेल्फी का प्राचीन रंगमंच चट्टानों के खिसकने और भूस्खलन की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है।
- बाढ़ और तटीय कटाव: डियोन का अभयारण्य बाढ़ की चपेट में है, जबकि रोड्स और सामोस जैसे तटीय क्षेत्रों में समुद्री जलस्तर बढ़ने से कटाव का खतरा बढ़ गया है।
वैज्ञानिक शोध और सुरक्षा योजनाएं
पहली बार इतने व्यापक स्तर पर देशव्यापी मूल्यांकन किया गया है, जिसमें जलवायु वैज्ञानिकों, भू-वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की एक संयुक्त टीम ने 2022 से 2025 तक गहन शोध किया।
- बजट और संसाधन : इस परियोजना के लिए यूरोपीय संघ और राष्ट्रीय निधि से लगभग 20 मिलियन यूरो (23 मिलियन डॉलर) आवंटित किए गए हैं।
- तकनीकी सुरक्षा : इस वर्ष 21 प्रमुख स्थलों पर आधुनिक फायर सेंसर (अग्नि संवेदक) लगाए जाएंगे और 60 से अधिक स्थलों के लिए विशिष्ट अग्नि सुरक्षा योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
- भीषण गर्मी से बचाव : एथेंस के प्रसिद्ध एक्रोपोलिस जैसे स्थलों पर लू (Heatwave) के दौरान पर्यटकों के प्रवेश समय में कटौती की गई है ताकि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाया जा सके।
प्रशासनिक दृष्टिकोण
- संस्कृति मंत्री लीना मेंडोनी के अनुसार, जलवायु परिवर्तन मौजूदा प्राकृतिक खतरों की तीव्रता और आवृत्ति को बढ़ा रहा है। ग्रीस के स्मारक खुले परिदृश्य में स्थित हैं, जो उन्हें मौसम के उतार-चढ़ाव, आर्द्रता और भारी वर्षा के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हैं।
- ओलंपिया और डेल्फी के स्थानीय प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि केवल तात्कालिक उपाय पर्याप्त नहीं हैं। पर्यटकों की भारी भीड़ (अकेले ओलंपिया में 2024 में 3 लाख से अधिक पर्यटक आए) को देखते हुए बेहतर निकासी योजना और निरंतर निगरानी अनिवार्य है।
निष्कर्ष
- ग्रीस का यह प्रयास न केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह अन्य देशों के लिए भी एक मॉडल है कि कैसे वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के जरिए जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सकता है।