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भारत-इटली संयुक्त घोषणा

संदर्भ 

  • इटली गणराज्य की मंत्रिपरिषद की अध्यक्ष (प्रधानमंत्री) जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर, भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 19-20 मई 2026 को इटली की आधिकारिक यात्रा की। यह यात्रा जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी की इटली यात्रा और 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मेलोनी की भारत यात्रा के बाद हुई, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान की। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया।  

रणनीतिक निर्णयों की संयुक्त घोषणा 

राजनीतिक संवाद 

  • उच्च-स्तरीय बैठकें : दोनों देश नेताओं की वार्षिक बैठकों के साथ-साथ नियमित मंत्रिस्तरीय और संस्थागत बैठकें आयोजित करने पर सहमत हुए।
  • रणनीतिक कार्य योजना : संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की प्रगति की सराहना की गई और इसकी समीक्षा के लिए विदेश मंत्रियों के नेतृत्व में एक स्थायी तंत्र (मैकेनिज्म) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। 

आर्थिक सहयोग और निवेश 

  • व्यापार लक्ष्य : वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुँचाने का साझा लक्ष्य दोहराया गया। 
  • निवेश के प्रमुख क्षेत्र : वस्त्र, क्लीन टेक, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, पर्यटन, डिजिटल टेक, फार्मास्यूटिकल्स और बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया। 
  • वित्तीय और एसएमई (SME) सहयोग : वित्तीय संस्थानों (शेयर बाजार, वेंचर कैपिटल, बैंक) के बीच संवाद बढ़ाने और लघु एवं मध्यम उद्योगों (SMEs) के बीच औद्योगिक साझेदारी को सुगम बनाने पर सहमति बनी।  
  • क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) : महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें ई-कचरे और खनन अवशेषों से खनिजों की पुनर्प्राप्ति (Recycling) शामिल है।
  • कृषि : कृषि और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में मंत्रालयों के बीच सहयोग के समझौते का स्वागत किया गया। 

कनेक्टिविटी 

  • आईएमईसी (IMEC) गलियारा : भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई और 2026 की पहली मंत्रिस्तरीय बैठक में ठोस कदम उठाने को कहा गया।
  • नौवहन और बंदरगाह : नौवहन और बंदरगाहों पर हस्ताक्षरित MoU को लागू करने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह स्थापित करने का निर्देश दिया गया। 

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और एआई 

  • इनोविट (INNOVIT) इंडिया: भारत में एक नए नवाचार केंद्र की स्थापना की घोषणा की गई, जो फिनटेक, हेल्थकेयर, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और एआई जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप और अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
  • विज्ञान संवाद: अप्रैल 2025 में दिल्ली में हुए पहले विज्ञान और नवाचार संवाद का स्वागत किया गया; अगला संस्करण इस वर्ष इटली में होगा।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) : मानव-केंद्रित, सुरक्षित और भरोसेमंद एआई के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई और सुपरकंप्यूटिंग क्षेत्र में सहयोग पर बल दिया गया। 
  • वैज्ञानिक अनुसंधान : क्वांटम और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में शोधकर्ताओं की आवाजाही के लिए 2025-2027 कार्यकारी कार्यक्रम का समर्थन किया गया। भारतीय शोधकर्ताओं के लिए इटली की एलेट्रा सिंक्रोट्रोन सुविधा तक पहुँच संबंधी समझौते का स्वागत किया गया।

अंतरिक्ष 

  • इसरो-एएसआई सहयोग : पृथ्वी अवलोकन, हेलियोफिज़िक्स, अंतरिक्ष अन्वेषण और वाणिज्यिक अंतरिक्ष गतिविधियों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

रक्षा और सुरक्षा 

  • रक्षा औद्योगिक रोडमैप : हेलीकॉप्टर, नौसैनिक प्लेटफॉर्म, समुद्री हथियार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों के सह-उत्पादन और सह-विकास के लिए रोडमैप का स्वागत किया गया।
  • सैन्य संवाद : एक वार्षिक उच्च-स्तरीय सैन्य संरचित संवाद स्थापित करने और समुद्री सुरक्षा संवाद शुरू करने पर सहमति बनी।
  • आतंकवाद का विरोध : सीमा पार आतंकवाद और अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। एफएटीएफ  दिशानिर्देशों के तहत आतंकी नेटवर्क और उनके वित्तपोषण को खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
  • एजेंसी सहयोग : भारत के प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इटली की गार्डिया डी फिनान्ज़ा के बीच समझौता ज्ञापन संपन्न हुआ। प्रत्यर्पण संधि और पुलिस सहयोग पर चर्चा जारी रखने का स्वागत किया गया।

प्रवासन और गतिशीलता 

  • कौशल और प्रवासन : छात्रों, शोधकर्ताओं और कुशल कामगारों (विशेषकर STEM क्षेत्रों और नर्सों) की वैध आवाजाही को सुगम बनाने पर सहमति बनी। सामाजिक सुरक्षा समझौते (SSA) पर चर्चा का स्वागत किया गया।
  • टैलेंट ब्रिज : इटली कॉल्स इंडिया (ICI) पहल का स्वागत किया गया, जो इतालवी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को रोजगार के अवसरों से जोड़ेगी। 
  • मानव तस्करी पर रोक : अनियमित प्रवासन और मानव तस्करी के खिलाफ सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई। 

संस्कृति और शैक्षिक आदान-प्रदान 

  • विरासत सहयोग : लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के विकास में इटली की भागीदारी के MoU का स्वागत किया गया।
  • संस्कृति और पर्यटन वर्ष : वर्ष 2027 को भारत-इटली संस्कृति और पर्यटन वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की गई।
  • ट्विनिंग कार्यक्रम : यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थलों के बीच ट्विनिंग कार्यक्रम की शुरुआत की सराहना की गई।
  • शिक्षा : उच्च शिक्षा और अनुसंधान रोडमैप का स्वागत किया गया; इतालवी विश्वविद्यालयों को भारत की नई शिक्षा नीति के तहत अपने परिसर खोलने का निमंत्रण दिया गया। 

भारत-यूरोपीय संघ संबंध 

  • मुक्त व्यापार समझौता : 27 जनवरी 2026 के भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के व्यापक रणनीतिक एजेंडे और जारी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं के सफल समापन का स्वागत किया गया।
  • भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की मजबूती : महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आर्थिक सुरक्षा में सहयोग के प्रमुख मंच के रूप में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद को मजबूत करने के समर्थन की पुनर्पुष्टि की। 

बहुपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग 

  • यूएन सुधार : संयुक्त राष्ट्र (UN) को अधिक प्रतिनिधिक बनाने के लिए उसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया।
  • अफ्रीका त्रिपक्षीय पहल : भारत की विकास साझेदारी और इटली की मैट्टेई योजना के समन्वय से अफ्रीका में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में त्रिपक्षीय सहयोग पर सहमति बनी।
  • भारत-प्रशांत क्षेत्र : UNCLOS के अनुरूप एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध भारत-प्रशांत क्षेत्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
  • पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) : क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई, 8 अप्रैल 2026 के युद्धविराम का स्वागत किया गया और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता का आह्वान किया गया।
  • यूक्रेन संकट : यूक्रेन युद्ध पर चिंता व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति का समर्थन किया गया। 

निष्कर्ष

  • इस यात्रा के दौरान भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी की प्रभावशाली वृद्धि और गहराते संबंधों को रेखांकित करते हुए दोनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तारित करने तथा प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर उच्चस्तरीय निकट परामर्श जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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