संदर्भ
- भारत के सेमीकंडक्टर मिशन और वैश्विक प्रौद्योगिकी मानचित्र पर ओडिशा के उभरते वर्चस्व के लिए अप्रैल 2026 एक मील का पत्थर साबित हुआ। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भुवनेश्वर स्थित इन्फो वैली में देश की पहली उन्नत 3D चिप पैकेजिंग इकाई का शिलान्यास किया गया। वस्तुतः यह परियोजना न केवल ओडिशा को एक फ्यूचर-रेडी टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के तहत उच्च-स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है।
3डी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई से संबंधित प्रमुख बिंदु
निवेश और रणनीतिक भागीदारी
- इस महत्वाकांक्षी परियोजना का क्रियान्वयन अमेरिकी कंपनी 3D ग्लास सॉल्यूशंस इंक (3DGS) की भारतीय सहायक इकाई, हेटेरोजीनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस प्रा. लि. (HIPSPL) द्वारा किया जा रहा है।
- कुल ₹1,943.53 करोड़ के निवेश वाली इस ग्रीनफील्ड सुविधा को केंद्र और राज्य सरकार का मजबूत समर्थन प्राप्त है, जिसमें
- केंद्रीय वित्तीय सहायता: ₹799 करोड़ और
- राज्य सरकार की सहायता: ₹399.5 करोड़ है
तकनीकी क्षमता और उत्पादन लक्ष्य
खोरधा जिले में स्थित यह एम्बेडेड ग्लास सब्सट्रेट (ATMP) सुविधा-केंद्र ऊर्ध्वाधर रूप से एकीकृत (Vertically Integrated) होगी। इसके उत्पादन लक्ष्यों में शामिल हैं :
- वार्षिक क्षमता : 70,000 ग्लास पैनल और 50 मिलियन असेंबल की गई इकाइयाँ।
- उन्नत मॉड्यूल : प्रति वर्ष लगभग 13,000 हाई-एंड 3 डीएच आई (3DHI) मॉड्यूल का उत्पादन।
- परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन अगस्त 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है, जबकि अगस्त 2030 तक इसे अपनी पूर्ण क्षमता (Full-scale production) पर पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
ओडिशा: सेमीकंडक्टर क्षेत्र का नया केंद्र
- इस इकाई के साथ ओडिशा अब देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है जहाँ भारत की पहली कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट और पहली 3D ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग सुविधा, दोनों स्थित हैं।
- यह सुविधा भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों की रीढ़ बनेगी, जिसमें निम्नलिखित क्षेत्र प्रमुख हैं:
- डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- 5G/6G संचार और मशीन लर्निंग
- रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष अनुप्रयोग और फोटोनिक्स
- ऑटोमोटिव रडार प्रणाली
निष्कर्ष
- इन्फो वैली की यह नई इकाई भारत के घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करेगी। वस्तुतः यह वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला (Global Chip Supply Chain) में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ-साथ ओडिशा में उच्च-तकनीकी रोजगार के नए द्वार खोलेगी।