हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इमिग्रेशन, वीज़ा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को 31 मार्च के बाद अगले पांच वर्षों के लिए, यानी 2031 तक ₹1,800 करोड़ के बजट के साथ जारी रखने की मंजूरी दी। यह कदम देश में आव्रजन नियंत्रण और विदेशी नागरिकों के प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IVFRT योजना के बारे में
इसे सर्वप्रथम मई 2010 में ₹1,011 करोड़ के परिव्यय के साथ अनुमोदित कर सितंबर 2014 तक की अवधि के साथ मंजूरी दी गई थी।
IVFRT एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है जिसका उद्देश्य आव्रजन (Immigration), वीज़ा जारी करने और विदेशी नागरिकों के पंजीकरण से संबंधित सभी कार्यों को एक साझा तंत्र से जोड़ना है।
उद्देश्य
IVFRT प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भारत में आव्रजन, वीज़ा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से जुड़े विभिन्न कार्यों को एकीकृत करना और उन्हें अधिक कुशल बनाना है।
सरकार ने बताया कि योजना मौजूदा IVFRT प्रणाली के दायरे और क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है, साथ ही सुरक्षा ढांचे में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
हाल ही में लागू हुए इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 और उसके नियमों के बाद यह आवश्यक हो गया है कि प्रणाली को और अधिक आधुनिक और सशक्त बनाया जाए, ताकि अवैध प्रवासन जैसी नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
उभरती तकनीकों का उपयोग
इस योजना के अंतर्गत मोबाइल आधारित सेवाएँ और स्वयं-सेवा कियोस्क (self-service kiosks) यात्रियों के लिए अधिक सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही, देशभर के इमिग्रेशन पोस्ट, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय(Foreigners Regional Registration Offices) और डेटा केंद्रों के बुनियादी ढांचे का विस्तार और उन्नयन किया जाएगा, जिससे एक मजबूत और स्केलेबल प्रणाली का निर्माण संभव होगा।
सेवा दक्षता में सुधार
IVFRT प्रणाली ने पहले ही सेवा वितरण और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार किया है। इसके माध्यम से वीज़ा प्रक्रिया पूरी तरह से संपर्क रहित (contactless) और बिना आमने-सामने (faceless) हो गई है। इसमें ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग और भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।
पिछले पांच वर्षों में लगभग 91.24% ई-वीज़ा आवेदन 72 घंटे के भीतर स्वीकृत किए गए हैं। इमिग्रेशन पोस्ट पर यात्रियों की औसत जांच समय भी 2.5–3 मिनट तक घट गया है, जिसमें बायोमेट्रिक प्रक्रिया शामिल है, जबकि पहले यह समय 5–6 मिनट था।
निष्कर्ष
IVFRT योजना का विस्तार भारत की आव्रजन और वीज़ा प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। यह देश की सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के साथ-साथ यात्रियों के अनुभव को भी सुधारता है।