New
Civil Services Day Offer - Valid Till : 28th April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 6:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 1st May 2026, 8:30PM Civil Services Day Offer - Valid Till : 28th April GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 6:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 1st May 2026, 8:30PM

महिलाओं के समग्र विकास हेतु प्रमुख राष्ट्रीय योजनाएँ

चर्चा में क्यों ?

केन्‍द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा महिलाओं के वित्तीय और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। 


महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (2022-23 से प्रभावी योजनाएँ) :

  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों के कल्याण हेतु योजनाएँ लागू कर रहा है।
  • इन योजनाओं को तीन मिशनों में वर्गीकृत किया गया है-
    1. मिशन शक्ति
    2. सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0
    3. मिशन वात्सल्य

मिशन शक्ति:

  • मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करना है।
  • इसमें दो उप-योजनाएँ शामिल हैं-
    • संबल (महिला सुरक्षा एवं संरक्षा)
    • समर्थ्य (महिला सशक्तिकरण)

संबल उप-योजना:

  • वन स्टॉप सेंटर (OSC) जिला स्तर पर संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही छत के नीचे सहायता प्रदान करते हैं।
  • OSC में अस्थायी आश्रय, चिकित्सा, पुलिस, कानूनी और परामर्श सेवाएँ उपलब्ध हैं।
  • महिला हेल्पलाइन 181 महिलाओं को 24×7 सहायता और जानकारी प्रदान करती है।

समर्थ्य उप-योजना:

  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत पहले बच्चे के लिए ₹5,000 की सहायता दी जाती है।
  • दूसरे बच्चे (यदि कन्या हो) के लिए ₹6,000 की सहायता प्रदान की जाती है।
  • शक्ति सदन संकटग्रस्त और तस्करी पीड़ित महिलाओं के लिए राहत एवं पुनर्वास केंद्र है।
  • वृंदावन में ‘कृष्ण कुटीर’ विधवाओं के लिए सुरक्षित आवास सुविधा प्रदान करता है।
  • सखी निवास (वर्किंग वुमन हॉस्टल) कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराता है।
  • पालना योजना के तहत बच्चों के लिए डे-केयर और क्रेच सुविधाएँ दी जाती हैं। 
  • संकल्प – महिला सशक्तिकरण केंद्र (HEW) महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0:

  • इस मिशन का उद्देश्य पोषण और स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार करना है।
  • यह तीन प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है-
    • 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा किशोरियों का पोषण
    • प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (3-6 वर्ष)
    • आधुनिक एवं सक्षम आंगनवाड़ी अवसंरचना

गृह मंत्रालय की पहलें (निर्भया निधि):

  • मानव तस्करी रोधी इकाइयाँ (AHTU) देशभर में स्थापित की गई हैं।
  • कुल 827 AHTU कार्यरत हैं, जिनमें राज्य, BSF और SSB शामिल हैं।
  • महिलाओं की सहायता हेतु 14,658 महिला सहायता डेस्क (WHD) स्थापित की गई हैं।
  • इनमें से अधिकांश डेस्क का नेतृत्व महिला पुलिस अधिकारी कर रही हैं।
  • आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) सभी राज्यों में लागू है।
  • महिला हेल्पलाइन 181 पूरे देश में सक्रिय है।

आयुष्मान भारत एवं स्वास्थ्य सुरक्षा:

  • आयुष्मान भारत योजना के तहत 55 करोड़ से अधिक नागरिकों को निःशुल्क उपचार मिलता है।
  • योजना में 1,200 से अधिक चिकित्सा पैकेज शामिल हैं।
  • इनमें से 141 से अधिक पैकेज विशेष रूप से महिलाओं के लिए हैं।
  • महिलाओं के लिए टीबी, कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि की जाँच उपलब्ध है।
  • 1.5 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर देशभर में कार्यरत हैं।

सामाजिक सुरक्षा एवं बीमा योजनाएँ:

  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)
  • अटल पेंशन योजना (APY)
  • प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

महिला-हितैषी प्रशासनिक सुधार:

  • पैन कार्ड नियमों में संशोधन कर एकल माताओं को केवल माता का नाम दर्ज करने की सुविधा दी गई है।
  • पासपोर्ट नियमों में संशोधन कर माता या पिता में से किसी एक का नाम स्वीकार्य किया गया है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना:

  • गरीब परिवारों की महिलाओं को बिना जमा एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए जाते हैं।
  • योजना का उद्देश्य स्वच्छ ईंधन, स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण है।

महिला उद्यमिता एवं रोजगार:

  • सार्वजनिक खरीद नीति के तहत 3% खरीद महिला-स्वामित्व वाले MSMEs से अनिवार्य की गई है।
  • महिला कॉयर योजना, PM विश्वकर्मा योजना और यशस्विनी अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
  • मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, PM स्वनिधि, PMEGP और MGNREGS से महिलाओं को रोजगार/स्वरोजगार के अवसर मिलते हैं।

निष्कर्ष

  • केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएँ महिलाओं के सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक समग्र और बहुआयामी ढाँचा प्रस्तुत करती हैं। 
  • मिशन शक्ति, पोषण 2.0, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, सामाजिक सुरक्षा एवं उद्यमिता से जुड़ी पहलें न केवल महिलाओं को तत्काल संरक्षण और सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक सशक्तिकरण की ओर भी अग्रसर करती हैं।
  • प्रशासनिक नियमों में किए गए सुधारों और महिला-हितैषी नीतियों से महिलाओं की पहचान, अधिकार और निर्णय-स्वतंत्रता को मजबूती मिली है। 
  • समग्र रूप से, ये योजनाएँ महिलाओं को कल्याण की पात्र से विकास की सहभागी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं और एक समावेशी, समान तथा सशक्त भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।

प्रश्न. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 2022-23 से प्रभावी योजनाओं को कितने मिशनों में वर्गीकृत किया गया है ?

(a) दो

(b) तीन

(c) चार

(d) पाँच

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR