हाल ही में इंग्लैंड के रीडिंग और ऑक्सफोर्डशायर क्षेत्रों में एक छात्र की मृत्यु और दो अन्य लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी मेनिन्जाइटिस के नए प्रकोप को रोकने के लिए तेजी से प्रयास कर रहे हैं।
मेनिन्जाइटिस क्या है ?
मेनिन्जाइटिस एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली सुरक्षात्मक परतों में सूजन आ जाती है।
इन परतों को मेनिन्जीस कहा जाता है। यह बीमारी जानलेवा हो सकती है और लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकती है।
कारण
मेनिन्जाइटिस बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवियों के कारण हो सकता है।
कुछ मामलों में चोट, कैंसर या दवाएँ भी इसका कारण बन सकती हैं।
इनमें बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस सबसे खतरनाक माना जाता है, क्योंकि यह तेजी से गंभीर रूप ले सकता है।
संक्रमण फैलने का कारण ?
यह संक्रमण छींकने और खाँसने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
लक्षण
गर्दन में अकड़न
तेज बुखार
सिरदर्द
उल्टी या मतली
भ्रम या मानसिक स्थिति में बदलाव
कुछ गंभीर मामलों में दौरे पड़ना, बेहोशी, सुनने या देखने में दिक्कत और हाथ-पैरों में कमजोरी भी हो सकती है।
उपचार और बचाव
मेनिन्जाइटिस एक मेडिकल इमरजेंसी है। सही समय पर इलाज न मिलने पर यह 24 घंटे के भीतर जानलेवा हो सकता है।
बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस में तुरंत एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत होती है। टीकाकरण इस बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को समय पर एंटीबायोटिक देने से संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है।
वायरल मेनिन्जाइटिस अक्सर बिना विशेष इलाज के अपने आप ठीक हो जाता है।