संदर्भ
- हाल ही में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने अरुणाचल कीवी: अरुणाचल प्रदेश की यूएसपी - अरुणाचल प्रदेश राज्य के लिए क्लस्टर-आधारित कीवी खेती और मूल्य श्रृंखला विकास मिशन की शुरुआत की है।
अरुणाचल कीवी पर मिशन के बारे में
- इस मिशन का नाम अरुणाचल कीवी पर मिशन: अरुणाचल प्रदेश की यूएसपी है।
- इस मिशन का कुल बजट लगभग ₹167 करोड़ रुपए है।
- इस मिशन को सफल बनाने के लिए कई सरकारी मंत्रालय (जैसे एमडीओएनईआर, कृषि मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय), नाबार्ड, आईसीएआर और निजी निवेशक मिलकर काम कर रहे हैं।
- इसे कीवी की खेती करने वाले किसानों की जरूरतों और उनकी उम्मीदों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
क्लस्टर और मुख्य केंद्र (Hubs)
- इस मिशन के तहत कुछ खास इलाकों को चुना गया है, जिन्हें क्लस्टर कहा जाता है। जीरो वैली, दिरांग, कलाकतांग, शि योमी और दिबांग घाटी में फसल कटने के बाद की देखरेख के लिए छह बड़े हब (Post-Harvest Management Hubs) बनाए गए हैं।
सुधार और रणनीतिक पहलें
कीवी के व्यापार को बेहतर बनाने के लिए 30 से ज्यादा कदम उठाए जा रहे हैं, जैसे ;
- किसानों को उनकी फसल की सही और अच्छी कीमत दिलाना।
- अरुणाचल प्रदेश के कीवी के लिए जैविक सर्टिफिकेट (NPOP Organic Certification) दोबारा हासिल करना, जो पहले खत्म हो चुका था।
- नए कोल्ड स्टोरेज और गोदाम बनाना, ताकि किसानों को अपनी फसल 7 से 10 दिनों के भीतर मजबूरी में ओने-पौने दामों पर न बेचनी पड़े।
- हजारों किसान परिवारों को कीवी उगाने, उसकी प्रोसेसिंग करने, ब्रांडिंग करने, विदेशों में बेचने और कृषि-पर्यटन (Agri-Tourism) की ओर आकर्षित करना।
मिशन की उपयोगिता
- इस पहल से स्थायी आजीविका के अवसर पैदा होने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान में भारी कमी आने, खेत के स्तर पर मूल्य प्राप्ति में सुधार होने और पूरे अरुणाचल प्रदेश में कीवी अर्थव्यवस्था में ग्रामीण युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसी कारण उक्त कार्यक्रम का जीरो वैली और दिरांग के कीवी किसानों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।