भारतीय बुनियादी ढाँचे के विकास को गति देने के उद्देश्य से, केंद्र सरकार ने रोड ओवर ब्रिज (ROBs) के निर्माण में स्टील गर्डर (Steel Girders) के अनुमोदन और निरीक्षण की जटिल प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए PRISM-SG पोर्टल का शुभारंभ किया है।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का अनावरण 25 मार्च 2026 को नई दिल्ली में किया गया।
PRISM-SG क्या है ?
PRISM-SG (Portal for Rail-Road Inspection & Stages Management – Steel Girders) एक अत्याधुनिक डिजिटल समाधान है।
यह विशेष रूप से उन परियोजनाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जहाँ सड़क और रेलवे का मिलन होता है, और जिनमें उच्च-तकनीकी सुरक्षा मानकों वाले स्टील गर्डर का उपयोग अनिवार्य होता है।
मुख्य उद्देश्य और विजन
इस पोर्टल का प्राथमिक लक्ष्य विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के मध्य समन्वय की बाधाओं को समाप्त करना है। इसके माध्यम से सरकार निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहती है:
प्रक्रियात्मक सुगमता: मैन्युअल कागजी कार्रवाई और भौतिक फाइलों के संचलन में होने वाले विलंब को समाप्त करना।
सुरक्षा मानक: डिजिटल जांच के माध्यम से पुलों की संरचनात्मक मजबूती और तकनीकी सटीकता सुनिश्चित करना।
पारदर्शिता:अनुमोदन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में उत्तरदायित्व (Accountability) तय करना।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ
डिजिटल गुणवत्ता आश्वासन (QAP): ठेकेदार और निर्माता अब 'क्वालिटी एश्योरेंस प्लान' और वेल्डिंग संबंधी तकनीकी डेटा ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। रेलवे अधिकारियों द्वारा इनकी समीक्षा और फीडबैक की प्रक्रिया भी पूर्णतः डिजिटल होगी।
वास्तविक समय की निगरानी (Real-time Tracking):एक एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से सभी हितधारक (Stakeholders) परियोजना की प्रगति और लंबित अनुमोदनों की वर्तमान स्थिति देख सकते हैं।
स्वचालित निरीक्षण प्रणाली:भौतिक निरीक्षण के लिए तिथियों का निर्धारण ऑनलाइन होगा। निरीक्षण रिपोर्ट, साइट की तस्वीरें और परीक्षण के परिणाम तुरंत पोर्टल पर अपलोड किए जा सकेंगे।
स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड (Audit Trail): भविष्य के संदर्भ और ऑडिट के लिए प्रत्येक निर्णय और निरीक्षण का एक सुरक्षित डिजिटल पदचिह्न (Digital Footprint) सुरक्षित रहेगा।
रेल-सड़क क्रॉसिंग अनुमोदन प्रणाली (Rail-Road Crossing Approval System – RRCAS) के साथ समन्वय:यह पोर्टल पूर्व से कार्यरत आरआरसीएएस (जो ड्रॉइंग अनुमोदन के लिए है) के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे पूरी परियोजना को 'एंड-टू-एंड' डिजिटल कवरेज प्राप्त होगा।
आर्थिक और प्रशासनिक महत्व
समय की अभूतपूर्व बचत:पारंपरिक रूप से अनुमोदन में लगने वाला 1 वर्ष का समय अब घटकर मात्र 100 दिन रह जाएगा (लगभग 70% की कटौती)।
लागत नियंत्रण: परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से विलंब शुल्क और निर्माण लागत में होने वाली वृद्धि से बचा जा सकेगा।
भ्रष्टाचार पर अंकुश: मानवीय हस्तक्षेप कम होने और प्रक्रियाओं के पारदर्शी होने से प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।