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सहयोग शिविर पहल

संदर्भ 

  • हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सारण जिले के दुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित शिविर में शामिल होकर पहली बार पूरे बिहार में लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, अब प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को ये शिविर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं और शिकायतों का समय पर समाधान हो सके। 
  • वस्तुतः यह पहल राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत शुरू की गई जीवन सुगमता योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचाना है। 

सहयोग शिविर पहल के बारे में  

  • सहयोग पोर्टल बिहार सरकार की रीयल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, जनता की शिकायतों के समय पर पारदर्शी और जवाबदेहीपूर्ण निवारण को सुनिश्चित करने के लिए स्थापित एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। 
  • यह पोर्टल नागरिकों को एक एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से शिकायतें दर्ज करने, स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, अनुस्मारक भेजने और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाता है। 
  • यह प्रणाली उत्तरदायी शासन को मजबूत करने और बिहार सरकार के सभी विभागों में कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
  • सहयोग पोर्टल - आरटीएमएस नागरिकों को कई कार्यालयों में जाने की आवश्यकता के बिना अपनी बात रखने का एक सरल और सुलभ तरीका प्रदान करता है। जिसके अंतर्गत 
    • सार्वजनिक सेवाओं में देरी हो, 
    • दस्तावेज़ीकरण संबंधी समस्याएं हों, 
    • पेंशन हो या स्थानीय बुनियादी ढांचे से जुड़ी चिंताएं हों,
  • प्रत्येक शिकायत को आसान ट्रैकिंग के लिए एक विशिष्ट संदर्भ संख्या दी जाती है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। 
  • शिकायत निवारण को अधिक व्यवस्थित और सुलभ बनाकर, सहयोग पोर्टल - आरटीएमएस नागरिकों और सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करता है और अधिक उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन का समर्थन करता है। 

प्रमुख विशेषताएँ 

  • शिकायतों का ऑनलाइन पंजीकरण
  • विभागवार शिकायत अग्रेषण(Forwarding)
  • समयबद्ध निपटान तंत्र 
  • एसएमएस और ईमेल अलर्ट
  • रीयल-टाइम स्टेटस ट्रैकिंग
  • मैट्रिक्स की वृद्धि
  • नागरिकों की प्रतिक्रिया और रेटिंग
  • अधिकारियों द्वारा डैशबोर्ड और निगरानी  

यह व्यवस्था कैसे काम करती है ?

  • नागरिक अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करता है।
  • शिकायत अपने आप संबंधित विभाग तक पहुंच जाती है।
  • विभाग शिकायत पर हुई कार्रवाई और उसकी स्थिति को अपडेट करता है।
  • नागरिक को इसकी जानकारी भेज दी जाती है।
  • तय समय सीमा में समाधान नहीं होने पर शिकायत को आगे के स्तर पर भेज दिया जाता है।

प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाही और दंड का प्रावधान 

  • शिविरों में मिलने वाले सभी आवेदनों पर बिना किसी अपवाद के कार्रवाई की जाएगी और उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
  • इसके लिए मुख्यमंत्री सचिवालय आवेदन मिलने के 10वें दिन संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा नोटिस और 25वें दिन तीसरा नोटिस जारी करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी शिकायतों का समाधान तय समय सीमा के भीतर हो जाए।
  • आवेदन मिलने के बाद अधिकतम 30 दिनों के भीतर उसका समाधान करना अनिवार्य होगा। यदि कोई अधिकारी इस जिम्मेदारी में लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तय समय सीमा में आदेश जारी नहीं होने पर संबंधित विभाग के अधिकारी 31वें दिन स्वतः निलंबित माने जाएंगे।
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