New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा संकट

संदर्भ 

  • फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट अब एक गहरे वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा आपातकाल में बदल चुका है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में तेहरान द्वारा इस संकरे मार्ग पर कड़े प्रतिबंध लगाने से स्थिति विस्फोटक हो गई है। 

प्रमुख बिंदु  

  • हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी के आदेश ने इस आग में घी का काम किया है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, यह व्यवधान 1970 के दशक के तेल संकट से भी अधिक भयानक है। 

होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की ऊर्जा जीवनरेखा 

  • होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। इसकी संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपने सबसे संकरे बिंदु पर यह मात्र 38 किमी (21 समुद्री मील) चौड़ा है। 
  • महत्व : वैश्विक तेल खपत का लगभग 20% (21 मिलियन बैरल प्रतिदिन) यहीं से गुजरता है। 
  • निर्भरता : इस मार्ग से होने वाले ऊर्जा प्रवाह का 80% हिस्सा भारत, चीन और जापान जैसे एशियाई देशों को जाता है।

 इसे भी जाने 

समुद्री अवरोध बिंदु (Choke Points) क्या हैं ? 

  • समुद्री चोक पॉइंट वे संकरे भौगोलिक जलमार्ग होते हैं जहाँ से वैश्विक व्यापार का एक विशाल हिस्सा गुजरता है। ये प्राकृतिक अड़चनें जहाजों को एक तंग गलियारे में केंद्रित कर देती हैं, जिसका कोई आसान वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होता। 

  • विश्व का लगभग 70% से 80% तेल समुद्र के रास्ते ढोया जाता है। ऐसे में किसी एक बिंदु पर मिसाइल हमला, ड्रोन हमला या दुर्घटना भी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त कर सकती है, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं और मुद्रास्फीति (Inflation) बेकाबू हो जाती है। 

दुनिया के अन्य प्रमुख सामरिक जलमार्ग 

  • मलक्का जलडमरूमध्य : यह हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर के बीच का सबसे छोटा मार्ग है। यह दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग है, जहाँ से वैश्विक समुद्री तेल परिवहन का 30% हिस्सा गुजरता है। 
  • बाब अल-मंडेब : लाल सागर का दक्षिणी द्वार, जो एशिया और यूरोप के बीच स्वेज नहर के माध्यम से संपर्क जोड़ता है। 
  • स्वेज नहर (मिस्र) : यह अफ्रीका का चक्कर लगाने की मजबूरी खत्म कर यात्रा की दूरी और लागत को कम करती है। 
  • पनामा नहर : अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ने वाला यह मार्ग अमेरिका और एशिया के बीच व्यापार का प्रमुख स्तंभ है।  

अंतर्राष्ट्रीय कानून और पारगमन अधिकार  

  • समुद्री मार्गों का संचालन 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के तहत होता है, जिसे महासागरों का संविधान भी कहा जाता है। इसके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए उपयोग होने वाले जलमार्गों में पारगमन मार्ग (Transit Passage) का सिद्धांत लागू होता है। 
  • तटीय देश (जैसे ईरान या ओमान) सुरक्षा कारणों से नियम तो बना सकते हैं, लेकिन वे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को गुजरने से रोक नहीं सकते। हालांकि, वर्तमान संकट में कानून के बजाय नौसैनिक शक्ति का बोलबाला अधिक दिख रहा है। 

क्या कोई विकल्प मौजूद है ? 

  • वर्तमान समय तक होर्मुज जलडमरूमध्य का कोई सक्षम विकल्प फिलहाल मौजूद नहीं है।
  • सऊदी अरब की पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन जैसे विकल्प केवल एक सीमित हिस्से को ही संभाल सकते हैं।
  • केप ऑफ गुड होप : जहाजों को अफ्रीका के नीचे से घुमाकर ले जाने में 2 से 3 सप्ताह का अतिरिक्त समय और भारी खर्च आता है। 

निष्कर्ष 

  • होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार प्रणाली कुछ अत्यंत संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भर है।
  • यदि यह व्यवधान लंबा खिंचता है, तो इसका प्रभाव केवल ऊर्जा कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखलाओं और भू-राजनीतिक संतुलन को भी गहराई से प्रभावित करेगा। यह संकट वैश्विक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और वैकल्पिक ऊर्जा एवं परिवहन मार्गों की आवश्यकता को पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बना देता है। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR