हाल ही में, विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर से पूर्व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने भारत के रामसर नेटवर्क में दो नई आर्द्रभूमियों को जोड़े जाने की घोषणा की।
नए घोषित रामसर स्थल
पटना पक्षी अभयारण्य
- यह अभयारण्य उत्तर प्रदेश राज्य में अवस्थित है। यह क्षेत्र मीठे पानी के दलदलों, वनों और घास के मैदानों का समृद्ध मिश्रण है जिसके चारों ओर कृषि भूमि फैली हुई है।
- यहाँ मौजूद विविध भू-आकृतियाँ अनेक प्रकार के पर्यावासों का निर्माण करती हैं जिससे क्षेत्र में उल्लेखनीय जैव विविधता का संरक्षण संभव हो पाता है।
- बर्डलाइफ इंटरनेशनल ने इसे एक महत्वपूर्ण पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र (Important Bird and Biodiversity Area: IBA) के रूप में मान्यता दी है।
- इस अभयारण्य में लगभग 178 प्रकार की पक्षी प्रजातियाँ तथा 252 प्रजातियों के पौधे पाए जाते हैं।
छारी-धंड आर्द्रभूमि
- यह आर्द्रभूमि गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित है। यह क्षेत्र जलपक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण शीतकालीन प्रवास स्थल के रूप में जाना जाता है।
- यह एक मौसमी खारे पानी की आर्द्रभूमि है जो कच्छ के प्रसिद्ध बन्नी घास के मैदानों और विस्तृत नमक क्षेत्रों के बीच फैली हुई है।
- यहाँ प्रतिवर्ष गंभीर रूप से संकटग्रस्त सोशिएबल लैपविंग, संकटग्रस्त कॉमन पोचार्ड तथा विशेष रूप से कॉमन क्रेन (Grus grus) जैसी प्रमुख प्रजातियाँ देखी जाती हैं।