चर्चा में क्यों ?
भारतीय विमानन क्षेत्र को वैश्विक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव से राहत देने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ATF (Aviation Turbine Fuel) मूल्य स्थिरीकरण कोष को मंजूरी प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य घरेलू एयरलाइनों की परिचालन लागत को नियंत्रित करना और विमानन क्षेत्र को स्थिरता प्रदान करना है।

क्या है ATF मूल्य स्थिरीकरण कोष ?
- सरकार द्वारा स्थापित इस कोष का आकार 10,000 करोड़ रुपये तक रखा गया है।
- इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक बाजार में कच्चे तेल एवं विमानन ईंधन की कीमतों में होने वाली तेज वृद्धि के प्रभाव को कम करना है, ताकि भारतीय एयरलाइनों को अत्यधिक वित्तीय दबाव का सामना न करना पड़े।
कोष की प्रमुख विशेषताएँ
- कोष की राशि
- अधिकतम 10,000 करोड़ रुपये तक का कोष।
- उद्देश्य
- विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमतों को स्थिर बनाए रखना।
- एयरलाइनों की लागत में अचानक वृद्धि को रोकना।
- विमानन क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना।
- सहायता तंत्र
- वैश्विक ईंधन कीमतों में वृद्धि के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को ब्याज-मुक्त अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
- इससे ATF की कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
- ATF मूल्य व्यवस्था
- घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए निर्धारित मूल्य व्यवस्था लागू रहेगी।
- ATF की आपूर्ति का विशेष अधिकार तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के पास रहेगा।
- अवधि
- यह योजना 36 महीनों के लिए लागू रहेगी।
- इसकी वार्षिक समीक्षा की जाएगी, जिसके आधार पर आवश्यक संशोधन किए जा सकेंगे।
ATF का महत्व
संभावित लाभ
- एयरलाइनों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
- हवाई किरायों में अत्यधिक वृद्धि की संभावना कम होगी।
- विमानन क्षेत्र में निवेश और विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
- यात्रियों को स्थिर और बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
- भारत के तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन क्षेत्र को दीर्घकालिक स्थिरता प्राप्त होगी।
निष्कर्ष
ATF मूल्य स्थिरीकरण कोष भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितताओं के बीच यह पहल एयरलाइनों को राहत प्रदान करने के साथ-साथ देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाने में सहायक हो सकती है।