हाल ही में भारत और इथियोपिया ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में इथियोपिया की सदस्यता के संदर्भ में द्विपक्षीय प्रवेश प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। यह हस्ताक्षर जिनेवा में आयोजित समारोह में किए गए।
डब्ल्यूटीओ में प्रवेश प्रक्रिया
डब्ल्यूटीओ की प्रवेश प्रक्रिया के तहत घरेलू आर्थिक और व्यापार नीतियों को डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुरूप बनाना तथा मौजूदा सदस्य देशों के साथ बाजार पहुँच संबंधी प्रतिबद्धताओं पर बातचीत करना आवश्यक होता है।
इथियोपिया वर्तमान में अपनी प्रवेश प्रक्रिया के उन्नत चरण में है और इस संबंध में उसकी वर्किंग पार्टी की सातवीं बैठक 22–23 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई थी।
जैसे-जैसे इथियोपिया डब्ल्यूटीओ प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों में सुधार आगे बढ़ा रहा है, भारत और इथियोपिया के बीच व्यापार, निवेश और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ाने के नए अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के बारे में
मुख्यालय : जिनेवा, स्विट्जरलैंड
स्थापना : 1 जनवरी 1995
सृजनकर्ता : उरुग्वे दौर वार्ता (1986-94)
सदस्यता : 166 सदस्य जो विश्व व्यापार के 98 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं
बजट : 2024 के लिए 205 मिलियन स्विस फ्रैंक
सचिवालय कर्मचारी :623
उद्देश्य एवं लक्ष्य
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) एकमात्र अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो देशों के बीच व्यापार के नियमों से संबंधित है।
इसके मूल में डब्ल्यूटीओ समझौते हैं, जिन पर दुनिया के अधिकांश व्यापारिक देशों द्वारा बातचीत की गई और हस्ताक्षर किए गए तथा उनकी संसदों द्वारा अनुमोदित किए गए।
डब्ल्यूटीओ का मूल लक्ष्य, जैसा कि संगठन के संस्थापक समझौते में निर्धारित है, व्यापार को लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने, बेहतर रोजगार सृजित करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के साधन के रूप में उपयोग करना है।
कार्य
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) व्यापार समझौतों का प्रशासन करना।
व्यापार वार्ता मंच आयोजित करना।
व्यापार विवादों का निपटान करना।
राष्ट्रीय व्यापार नीतियों की निगरानी करना।
विकासशील देशों के लिए तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण मुहैया कराना।
अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना।
भारत-इथियोपिया संबंध
भारत और इथियोपिया की जनता के बीच गहरे आपसी रिश्ते और चिरस्थायी सभ्यतागत संबंध रहे हैं।
भारत, इथियोपिया का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारतीय कंपनियाँ इथियोपिया में प्रमुख विदेशी निवेशकों में शामिल हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दिसंबर 2025 की इथियोपिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया।