संदर्भ
- भारत की तटीय सुरक्षा और समुद्री निगरानी क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) को चार स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) Mk-III के मरीन रोल (MR) संस्करण सौंपे हैं।
एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) Mk-III के बारे में
- यह हेलीकॉप्टर प्रसिद्ध स्वदेशी ध्रुव (Dhruv) एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर का एक उन्नत समुद्री संस्करण है, जिसे विशेष रूप से कठिन समुद्री परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ
- मल्टी-रोल क्षमता : यह दो इंजनों वाला एक बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर है, जो युद्ध और राहत दोनों कार्यों में सक्षम है।
- आधुनिक एवियोनिक्स : इसमें अत्याधुनिक ग्लास कॉकपिट और उन्नत एवियोनिक्स सिस्टम लगे हैं, जो इसे रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी प्रभावी ढंग से संचालन (Night Operation) की शक्ति देते हैं।
- समुद्री अनुकूलन : इसे विशेष रूप से समुद्री वातावरण में सेंसर और रडार के साथ तालमेल बिठाने के लिए निर्मित किया गया है।
उपयोग
एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टर का उपयोग केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निम्नलिखित कार्यों में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा :
- खोज और बचाव (SAR) : समुद्र में फंसे लोगों को बचाने और आपदा राहत कार्यों में।
- तटीय सुरक्षा : अवैध गतिविधियों और समुद्री डकैती (Anti-Piracy) के विरुद्ध अभियान।
- परिवहन : घायलों को निकालने (Medevac), सैनिकों के आवागमन और लॉजिस्टिक्स सहायता में।
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के बारे में
- तटरक्षक बल भारत के रक्षा मंत्रालय के अधीन एक महत्वपूर्ण समुद्री सशस्त्र बल है, जो देश के विस्तृत तटवर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
- स्थापना व वैधानिक ढांचा : इसका अंतरिम गठन 1 फरवरी 1977 को हुआ था, जिसे बाद में तटरक्षक अधिनियम, 1978 के तहत एक स्वतंत्र सशस्त्र बल के रूप में पूर्णतः स्थापित किया गया।
- मुख्यालय व नेतृत्व : इसका केंद्रीय मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और इसका संचालन महानिदेशक के नेतृत्व में होता है।
- आदर्श वाक्य (Motto) : "वयम् रक्षामः" जिसका अर्थ है- "हम रक्षा करते हैं"।
मुख्य उत्तरदायित्व
- भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा।
- समुद्री प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण।
- तस्करी रोकने और राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा करना।
निष्कर्ष
- एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टर जैसे आधुनिक और स्वदेशी विमानों का शामिल होना न केवल आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि यह भारतीय तटरक्षक बल की ऑपरेशनल रेडीनेस (परिचालन तत्परता) को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाता है। यह तकनीकी अपग्रेड भारत की विशाल समुद्री सीमाओं को सुरक्षित रखने और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने में मील का पत्थर साबित होगा।