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एम्परर पेंगुइन और अंटार्कटिक फर सील

चर्चा में क्यों? 

  • हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने अंटार्कटिक पारिस्थितिकी तंत्र की दो महत्वपूर्ण प्रजातियों - एम्परर पेंगुइन और अंटार्कटिक फर सील को अपनी रेड लिस्ट में Endangered (लुप्तप्राय) श्रेणी में शामिल किया है। यह कदम जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों की पुष्टि करता है। 

एम्परर पेंगुइन (Emperor Penguin) 

  • एम्परर पेंगुइन दुनिया की सबसे बड़ी पेंगुइन प्रजाति है और इसे अंटार्कटिक पर्यावरण के स्वास्थ्य का सूचक यानी सेंटिनल स्पीशीज माना जाता है। 
  • ये पक्षी मुख्य रूप से फास्ट आइस पर निर्भर रहते हैं। यह वह समुद्री बर्फ है जो तटों से जुड़ी होती है। प्रजनन और पंख बदलने (Molting) की अवधि के दौरान यह बर्फ इनका एकमात्र सहारा है। 
  • संकट का कारण : मानवीय गतिविधियों से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के कारण तापमान बढ़ रहा है। यदि बर्फ समय से पहले पिघल जाती है, तो इनके चूजे (बच्चे) पर्याप्त विकसित होने से पहले ही पानी में गिर जाते हैं, जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 2009 से 2018 के बीच इनकी वयस्क आबादी में 10% तक की भारी कमी दर्ज की गई है। 

अंटार्कटिक फर सील (Antarctic Fur Seal)  

  • ईयर्ड सील परिवार का यह सदस्य अंटार्कटिक के समुद्री जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो अब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। 
  • इनका जीवन मुख्य रूप से क्रिल (Krill) पर निर्भर है। जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्री पानी गर्म हो रहा है, जिससे क्रिल ठंडे और गहरे पानी की ओर खिसक रहे हैं। सील के लिए इतनी गहराई या दक्षिण में जाकर शिकार करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
  • इनकी संख्या में गिरावट चौंकाने वाली है। 1999 में जहाँ इनकी आबादी 21.8 लाख थी, वहीं 2025 तक यह घटकर मात्र 9.44 लाख रह गई है। 
  • इन्हें किलर व्हेल जैसे शिकारियों और भोजन के लिए अन्य व्हेल प्रजातियों के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना पड़ रहा है।  

    जानने योग्य

क्रिल (Krill) के बारे में 

  • अंटार्कटिक क्रिल छोटे, झींगा जैसे क्रस्टेशियन जीव हैं जो दक्षिणी महासागर में घने झुंडों में पाए जाते हैं। लगभग 6 सेंटीमीटर लंबे ये जीव फाइटोप्लांकटन खाते हैं और खाद्य श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण प्रजाति हैं, इसलिए इनका शिकार केवल टिकाऊ तरीके से ही किया जाना चाहिए।

  • अंटार्कटिक पारिस्थितिकी तंत्र में कई प्रजातियां जीवित रहने के लिए क्रिल पर निर्भर करती हैं। ये व्हेल, सील, पेंगुइन और अन्य समुद्री प्रजातियों के भोजन का प्राथमिक स्रोत हैं। 

  • क्रिल ओमेगा-3 फॉस्फोलिपिड्स और प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट एस्टैक्सैंथिन से भरपूर होते हैं। 

निष्कर्ष 

  • इन दोनों प्रजातियों को लुप्तप्राय श्रेणी में शामिल करना एक चेतावनी है कि ध्रुवीय क्षेत्रों में खाद्य जाल (Food Web) टूट रहा है। एम्परर पेंगुइन का प्रजनन चक्र और फर सील की घटती प्रजनन दर यह दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन केवल भविष्य का खतरा नहीं, बल्कि वर्तमान की वास्तविकता है।
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