संयुक्त राष्ट्र समर्थित वैश्विक खुशहाली रिपोर्ट (World Happiness Report) 2026 के अनुसार, कई देशों में युवाओं के स्वास्थ्य (Well-being) पर सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग हानिकारक प्रभाव डाल रहा है।
वैश्विक खुशहाली रिपोर्ट के बारे में
- यह विश्व की प्रमुख रिपोर्ट है जो वैश्विक स्वास्थ्य और उसे सुधारने के तरीकों पर केंद्रित है।
- इसे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर द्वारा गैलप एवं संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क (UN Sustainable Development Solutions Network) के सहयोग से प्रकाशित किया जाता है।
- रिपोर्ट में लोगों से उनके जीवन को 0 से 10 के पैमाने पर रेट करने के लिए कहा जाता है जहाँ 0 का अर्थ ‘सबसे खराब जीवन’ और 10 का अर्थ ‘सबसे अच्छा जीवन’ है।
- देशों की रैंकिंग लगभग 100,000 लोगों के उत्तरों पर आधारित थी जिन्होंने 140 देशों एवं क्षेत्रों में अपने जीवन का मूल्यांकन किया।
खुशहाली रैंकिंग के मूल्यांकन के कारक
- प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP Per Capita)
- जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy)
- सामाजिक समर्थन (Social Support)
- जीवन चुनौतियाँ चुनने की स्वतंत्रता (Freedom to Make Life Choices)
- उदारता (Generosity)
- भ्रष्टाचार की धारणाएँ (Perceptions of Corruption)
वैश्विक खुशहाली रिपोर्ट 2026 के मुख्य बिंदु
- शीर्षतम खुशहाल देश : फ़िनलैंड > आइसलैंड > डेनमार्क > कोस्टा रिका > स्वीडन
- न्यूनतम खुशहाल देश : अफगानिस्तान > सिएरा लियोन > मलावी > जिम्बाब्वे
- भारत : इसकी रैंकिंग वर्ष 2024 में 126वें स्थान से सुधरकर 2025 में 118वें स्थान पर पहुँच गई है।