संदर्भ
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत-फ्रांस के बीच नवाचार-आधारित सहयोग को और गहरा करने के साझा संकल्प के मार्गदर्शन में, अटल नवाचार मिशन (एआईएम), नीति आयोग और ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स ने दोनों देशों के युवा नवप्रवर्तकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज की स्थापना की है।
भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज पहल के बारे में
- यह पहल भारत के अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) मॉडल से प्रेरित होकर फ्रांस में पहली स्कूल नवाचार प्रयोगशाला की स्थापना करती है।
- इसके माध्यम से युवा विद्यार्थियों को सहयोग करने, नवाचार इकोसिस्टम के बीच संबंधों को मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय नवाचार सहयोग को गहरा करने के लिए एक संरचित मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
- इस सहयोग को औपचारिक रूप देने वाले आशय-पत्र (एलओआई) का फ्रांस में अटल नवाचार मिशन, नीति आयोग के निदेशक दीपक बागला और ला फोंडेशन दसॉल्ट सिस्टम्स के प्रबंध निदेशक मैरी-पियरे ओलास के बीच आदान-प्रदान किया गया।
उद्देश्य:
- भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज भारत और फ्रांस के नवाचार इकोसिस्टम के बीच सीमापार नवाचार कार्यक्रमों, उद्यमिता आदान-प्रदान तथा गहन सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक मंच के रूप में कार्य करेगा।
- ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और संयुक्त नवाचार गतिविधियों के माध्यम से यह पहल युवा नवप्रवर्तकों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान मिलकर करने तथा प्रारंभिक स्तर की नवाचार क्षमताओं को मजबूत करने में सक्षम बनाएगी।
- युवा नवप्रवर्तकों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करके, इस पहल का उद्देश्य नवाचार की एक जीवंत संस्कृति को और विकसित करना तथा भारत और फ्रांस के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारियों को बढ़ावा देना है।
पहल का महत्त्व:
- भारत-फ्रांस एटीएल ब्रिज पहल को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के दौरान शुरू किया जा रहा है, जो दोनों देशों के नवाचार-आधारित सहयोग को मजबूत करने और भविष्य के लिए प्रतिभाएं तैयार करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- यह पहल स्कूल-स्तरीय नवाचार में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार करने तथा दोनों देशों के विद्यार्थियों, शिक्षकों और नवाचार इकोसिस्टम के बीच सार्थक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अटल नवाचार मिशन (एआईएम) के बारे में
- अटल नवाचार मिशन (एआईएम) की शुरुआत वर्ष 2016 में देशभर में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने की दृष्टि से की गई थी।
- अपनी स्थापना के बाद से, एआईएम स्कूलों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत में नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण और संवर्धन के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल के रूप में उभरा है।
- अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) आज दुनिया के सबसे बड़े स्कूल-आधारित नवाचार नेटवर्कों में से एक बन चुकी हैं, जो लाखों विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग, समस्या-समाधान, उभरती प्रौद्योगिकियों और उद्यमिता से संबंधित कौशलों से सशक्त बना रही हैं।
उपलब्धि:
- वर्ष 2016 से अब तक पूरे भारत में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) स्थापित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 1.1 करोड़ (11 मिलियन) से अधिक विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, 3डी डिज़ाइन एवं प्रिंटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़ने का अवसर मिला है।
- वस्तुतः अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) आंदोलन ने यह सिद्ध किया है कि नवाचार की शुरुआत जिज्ञासा से होती है और यह तब फलता-फूलता है जब युवा मस्तिष्कों को प्रयोग करने, सृजन करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान किया जाता है।