चर्चा में क्यों ?
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में Project Vault नामक $12 अरब (लगभग ₹1 लाख करोड़) की योजना की घोषणा की है।
- इसका उद्देश्य दुर्लभ पृथ्वी धातुओं (Rare Earths) और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) का रणनीतिक भंडारण करना है, ताकि अमेरिकी कंपनियों को वैश्विक आपूर्ति व्यवधान, विशेषकर चीन पर निर्भरता, से बचाया जा सके।
- यह पहल ऐसे समय में आई है जब वैश्विक सप्लाई चेन अस्थिर है और चीन ने कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा किया है।
प्रोजेक्ट वॉल्ट क्या है ?
- यह अमेरिका की एक Public–Private Partnership (PPP) योजना है
- कुल लागत: $12 अरब
- उद्देश्य:
- दुर्लभ पृथ्वी तत्वों और महत्वपूर्ण खनिजों का रणनीतिक भंडारण
- अमेरिकी उद्योगों को आपूर्ति संकट से सुरक्षा
- यह योजना Strategic Petroleum Reserve (SPR) की तर्ज़ पर है
- अंतर:
- SPR → कच्चा तेल
- Project Vault → खनिज और Rare Earths
प्रमुख खनिज (Key Minerals)
- Cobalt – EV बैटरी, जेट इंजन, रक्षा विमान
- Gallium – सेमीकंडक्टर, रक्षा तकनीक
- अन्य Rare Earth Elements (REEs)
उपयोग क्षेत्र:
- स्मार्टफोन
- इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)
- जेट इंजन
- रक्षा और ऊर्जा उद्योग
वित्तीय संरचना (Funding Structure)
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स्रोत
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राशि
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निजी क्षेत्र की प्रारंभिक फंडिंग
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$1.67 बिलियन
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US Export–Import Bank
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$10 बिलियन
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कुल
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$12 बिलियन
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भंडारण प्रणाली कैसे काम करेगी ?
- कंपनियाँ भविष्य में fixed price पर खनिज खरीदने की पूर्व-प्रतिबद्धता देंगी
- कुछ Upfront Fees का भुगतान करेंगी
- कंपनियाँ आवश्यक खनिजों की सूची देंगी
- Project Vault उन खनिजों को खरीदेगा और सुरक्षित रूप से संग्रहित करेगा
- कंपनियाँ Carrying Cost देंगी, जिसमें शामिल है:
कंपनियाँ खनिज कब और कैसे इस्तेमाल कर सकती हैं ?
सामान्य स्थिति में:-
- जितनी मात्रा निकालेंगी, उतनी ही मात्रा वापस भरना अनिवार्य
बड़ी आपूर्ति बाधा (जैसे युद्ध, प्रतिबंध) में:-
- कंपनियाँ पूरा भंडार उपयोग कर सकती हैं
महत्वपूर्ण शर्त:-
- भविष्य में उसी कीमत पर समान मात्रा पुनः खरीदने की सहमति इससे price volatility कम होगी
Project Vault से जुड़ी प्रमुख कंपनियाँ
औद्योगिक कंपनियाँ:-
- General Motors
- Stellantis
- Boeing
- Corning
- GE Vernova
- Google
कच्चा माल खरीदने वाली कंपनियाँ:-
- Hartree Partners
- Traxys North America
- Mercuria Energy Group
अमेरिका की खनिज नीति में स्थान
- अमेरिका के पास पहले से Defence Mineral Stockpile मौजूद है
- लेकिन नागरिक उद्योगों के लिए यह पहली बड़ी रणनीतिक पहल है
- हाल के वर्षों में अमेरिका ने:-
- घरेलू खनन और प्रोसेसिंग में निवेश बढ़ाया
- Australia, Japan, Malaysia जैसे देशों से सहयोग समझौते किए
- वॉशिंगटन में वैश्विक खनिज शिखर सम्मेलन के जरिए नए साझेदार जोड़ने की योजना
Strategic Petroleum Reserve बनाम Project Vault
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Strategic Petroleum Reserve
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Project Vault
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कच्चा तेल
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खनिज और Rare Earths
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ऊर्जा सुरक्षा
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तकनीक + रक्षा + EV सुरक्षा
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आपातकालीन उपयोग
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आपूर्ति संकट में उद्योग सुरक्षा
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अमेरिका यह कदम अभी क्यों उठा रहा है ?
- Rare Earths और Critical Minerals की:-
- Mining और Processing में चीन का वैश्विक दबदबा
- 2024 में चीन द्वारा:
- कुछ खनिजों पर Export Controls
- इससे अमेरिकी कंपनियों को उत्पादन घटाना पड़ा
Project Vault, अमेरिका की China-dependence reduction / China-Plus-One Strategy का अहम हिस्सा है
भारत और वैश्विक राजनीति के लिए महत्व
- यह पहल खनिज भू-राजनीति (Geopolitics of Minerals) को दर्शाती है
- भारत जैसे देशों के लिए संकेत:-
- Strategic Mineral Reserves पर काम तेज होगा
- Quad, IPEF जैसे मंचों में खनिज सहयोग बढ़ेगा