Current Affairs 10-Apr-2025
डचेस ऑफ ससेक्स ‘मेघन मार्कल’ के अनुसार, उन्हें प्रसव के तुरंत बाद प्रसवोत्तर प्रीक्लेम्पसिया (Postpartum Preeclampsia) नामक एक ‘दुर्लभ’ स्वास्थ्य स्थिति का पता चला था।
Current Affairs 10-Apr-2025
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBR) एक विशेष प्रकार का nuclear reactor (नाभिकीय रिएक्टर) होता है, जो बिजली उत्पादन के दौरान जितना nuclear fuel (नाभिकीय ईंधन) उपयोग करता है, उससे अधिक ईंधन उत्पन्न करता है।
Current Affairs 10-Apr-2025
न्यूक्लियर एनर्जी (Nuclear Energy) वह ऊर्जा होती है जो एक परमाणु (Atom) के नाभिक (Nucleus) में संग्रहित (Stored) होती है और यह नाभिकीय अभिक्रियाओं (Nuclear Reactions) के माध्यम से मुक्त (Released) होती है।
Current Affairs 10-Apr-2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक में आयोजित बिम्सटेक (BIMSTEC) के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों के छठें शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
Current Affairs 10-Apr-2025
अमेरिका द्वारा 5 अप्रैल 2025 से विश्व के विभिन्न देशों पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tarrif) को 9 अप्रैल की घोषणा में अगले 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है, जबकि चीन पर टैरिफ की दर को बढ़ाकर 125% कर दिया गया है। इससे व्यापार युद्ध के एक नए दौर की शुरुआत हो गई है।
Current Affairs 10-Apr-2025
8 अप्रैल, 2025 को भारत ने बांग्लादेश के लिए ट्रांसशिपमेंट सुविधा को बंद करने का निर्णय लिया है।
Current Affairs 09-Apr-2025
फिलीपींस स्थित एक स्ट्रैटोवॉल्कैनो ‘माउंट कनलाओन’ में ज्वालामुखी उदगार हुआ है और वहाँ निकासी के लिए प्रोटोकॉल लागू हो गए। यह हाल के महीनों में प्रशांत अग्नि मेखला (रिंग ऑफ फायर) में दूसरा बड़ा विस्फोट है।
Current Affairs 09-Apr-2025
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ कदाचार के आरोपों की जाँच के लिए एक आंतरिक समिति गठित की है। इस संदर्भ में न्यायपालिका में पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए इन-हाउस जाँच की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
Current Affairs 09-Apr-2025
भारत फिनटेक स्टार्टअप फंडिंग में वर्ष 2025 की पहली तिमाही में अमेरिका और यूके के बाद तीसरे स्थान पर रहा।
Current Affairs 09-Apr-2025
दिल्ली उच्च न्यायलय के एक पूर्व न्यायाधीश के आवास पर नकदी विवाद के बाद सर्वोच्च न्यायलय के सभी 33 न्यायाधीशों ने अपनी संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा का निर्णय लिया है। इससे न्यायपालिका में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा और जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित करने में मदद मिलेगी।
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