संदर्भ
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हाल ही में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने भारत के ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन पोर्टल (जीएचसीआई) का शुभारंभ किया है। मंत्रालय द्वारा विकसित यह पोर्टल भारत की ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन योजना के अंतर्गत पारदर्शी प्रमाणन तथा नियामकीय आवश्यकताओं के अनुपालन को सुगम बनाएगा।
ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन पोर्टल के बारे में
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम (जीएचसीआई) के अनुरूप भारत का ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल विकसित किया है।
- यह पोर्टल 1 जुलाई 2026 से पूर्ण रूप से ऑपरेशनल हो जाएगा।
कार्य प्रणाली:
- यह यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत की ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम (जीएचसीआई) के संचालन का आधार बनेगा तथा सर्टिफिकेशन प्रक्रियाओं, रेगुलेटरी कम्प्लायंस, ट्रांसपेरेंसी एवं राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) के दीर्घकालिक एवं सस्टेनेबल संचालन को सुनिश्चित करेगा।
- जीएचसीआई के लिए यह पोर्टल भारतीय ग्रीन हाइड्रोजन डेवलपर्स को यूरोपियन यूनियन (ईयू) तथा एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन डेरिवेटिव्स के एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के बारे में
- भारत सरकार (जीओआई) राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) का कार्यान्वयन कर रही है, जिसका उद्देश्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन तथा इसके डेरिवेटिव्स के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक हब बनाना है।
- यह मिशन स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य में योगदान देगा तथा वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा ट्रांजिशन के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इन उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु मिशन के लिए ₹19,744 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- मिशन के अंतर्गत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने कार्यालय ज्ञापन संख्या 353/35/2022-एनटी दिनांक 18 अगस्त 2023 के माध्यम से ग्रीन हाइड्रोजन स्टैंडर्ड अधिसूचित किया है।
- इस स्टैंडर्ड के अनुसार किसी हाइड्रोजन को ग्रीन माना जाने के लिए उसके उत्पादन में अधिकतम 2 किलोग्राम CO2 समतुल्य प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन का उत्सर्जन सीमा निर्धारित की गई है।
- जीएचसीआई का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन के मेजरमेंट, रिपोर्टिंग, ऑनसाइट वेरिफिकेशन तथा सर्टिफिकेशन के लिए विस्तृत मेथडोलॉजी निर्धारित करना है।
ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेट की अनिवार्यता
निम्नलिखित परिस्थितियों में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन इकाइयों/उत्पादकों के लिए ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य होगा, यदि:
- ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन फैसिलिटी/ग्रीन हाइड्रोजन प्रोड्यूसर को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन हेतु केंद्र सरकार (जिसमें स्ट्रेटेजिक इंटरवेंशन्स फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन स्कीम के अंतर्गत चयनित इकाइयाँ भी शामिल हैं) अथवा राज्य सरकार से कोई इंसेंटिव/सब्सिडी प्राप्त हो रही हो।
- ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन फैसिलिटी/ग्रीन हाइड्रोजन प्रोड्यूसर भारत में ग्रीन हाइड्रोजन का विक्रय अथवा उपयोग करना चाहता हो।
- ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन फैसिलिटी/ग्रीन हाइड्रोजन प्रोड्यूसर को केंद्र अथवा राज्य सरकार से किसी प्रकार की एग्जेम्प्शन, कन्सेशन या विशेष सुविधा प्राप्त हो रही हो।
- ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन फैसिलिटी/ग्रीन हाइड्रोजन प्रोड्यूसर के पास भारत में आंशिक मात्रा के लिए कंज्यूमर हो तथा शेष मात्रा का उपयोग एक्सपोर्ट हेतु किया जा रहा हो।