पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल (WT-MARUT)
संदर्भ
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने गोवा में आयोजित ग्लोबल विंड डे कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत के पहले समर्पित विंड टरबाइन सप्लाई चेन मैनेजमेंट पोर्टल पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल (WT-MARUT) का शुभारंभ किया।
पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल के बारे में
पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टलएक स्वदेशी और केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे विशेष रूप से विंड टरबाइन निर्माण से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) के प्रबंधन, निगरानी और सुधार के लिए विकसित किया गया है।
यह पोर्टल नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अंतर्गत कार्य करता है।
इसका मुख्य उद्देश्य भारत की घरेलू पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता को मजबूत करना और पूरी सप्लाई चेन में पारदर्शिता एवं भागीदारी बढ़ाना है।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ
1. सप्लाई चेन की पूर्ण दृश्यता और मैपिंग
यह प्लेटफॉर्म कच्चे माल से लेकर अंतिम टरबाइन असेंबली तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी की सुविधा देता है और सभी स्तरों पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराता है।
2. एएलएमएम अनुपालन की स्वचालित व्यवस्था
यह सरकार की मॉडल और निर्माताओं की स्वीकृत सूची (ALMM) नीति के तहत घरेलू सामग्री के उपयोग और अनुपालन को सरल बनाता है तथा स्थानीय उत्पादन की ट्रैकिंग सुनिश्चित करता है।
3. आपूर्तिकर्ता खोज और मूल्यांकन सुविधा
यह एक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है, जहाँ परियोजना डेवलपर आसानी से उपयुक्त आपूर्तिकर्ताओं को खोज, जाँच और चयन कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज हो जाती है।
4. विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय मंच
यह टरबाइन निर्माता, बिजली उत्पादक, उपकरण डिजाइनर और नीति निर्माताओं को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़कर बेहतर समन्वय सुनिश्चित करता है।
5. निर्यात क्षमता विश्लेषण
यह प्रणाली घरेलू कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन करने में मदद करती है, जिससे भारत की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है।
महत्व (Significance)
भारत में वर्तमान में लगभग 56.1 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता स्थापित है, जबकि इसकी संभावित क्षमता लगभग 1,164 गीगावाट मानी जाती है।
पवन टरबाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल इस विशाल क्षमता के बेहतर उपयोग और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के तेजी से विकास में सहायक होगा।
इसका लक्ष्य 2030 तक 100 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता हासिल करने में योगदान देना है।
इसके अतिरिक्त:
वित्त वर्ष 2025–26 में भारत का पवन उपकरण निर्यात ₹12,000 करोड़ से अधिक रहा।
यह पोर्टल देश के विनिर्माण (manufacturing) ढाँचे को और मजबूत करेगा।
भारत का लक्ष्य है:
2030 तक वैश्विक पवन टरबाइन निर्यात में 10% हिस्सेदारी