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ईशनिंदा और हेट स्पीच में भेद

10-Aug-2022

वर्तमान में भारत में धार्मिक समुदायों पर आलोचनात्मक टिप्पणियाँ सामान्य हो गईं हैं। ऐसी स्थिति में ईशनिंदा (Blasphemy) तथा द्वेषपूर्ण भाषण (Hate Speech) से संबंधित भारतीय नियमों व कानूनों पर चर्चा करना अवाश्यक है।

हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन

10-Aug-2022

हाल ही में, मारुति सुजुकी, टोयोटा और होंडा जैसी वाहन निर्माता कंपनियों ने भारत में हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च किये हैं।  

खनिज संशोधन अधिनियम पर राज्यों का रुख

09-Aug-2022

हाल ही में, केरल सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा संशोधित खान एवं खनिज अधिनियम का विरोध किया है। भारत में खनन क्षेत्र को नियंत्रित करने के लिये खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन किया गया है।

डॉलर के आधिपत्य को समाप्त करने की रणनीति

09-Aug-2022

वर्तमान में भारत सहित अन्य कई देश अमेरिकी डॉलर के विकल्प के रूप में अन्य मुद्राओं के उपयोग और अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन के निपटान में इसकी भूमिका पर विचार कर रहे हैं।

कॉफी विधेयक 

08-Aug-2022

सरकार 80 वर्ष पुराने कॉफी अधिनियम, 1942 को नए कॉफी (संवर्धन एवं विकास) विधेयक, 2022 से प्रतिस्थापित करने की योजना बना रही है।  

अल्फाफोल्ड 

08-Aug-2022

हाल ही में, लंदन स्थित गूगल के स्वामित्व वाली कंपनी डीपमाइंड के अनुसार उसने अल्फाफोल्ड का उपयोग करके 200 मिलियन से अधिक प्रोटीनों की त्रि-आयामी संरचनाओं का अनुमान लगाया है।  

वैश्विक अवसंरचना और निवेश के लिये भागीदारी

06-Aug-2022

हाल ही में, जर्मनी में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक अवसंरचना और निवेश के लिये भागीदारी (Partnership for Global Infrastructure and Investment :PGII) पहल की शुरुआत की गई।

डार्क मैटर की ख़ोज

05-Aug-2022

अमेरिका के साउथ डकोटा में स्थित LUX-ZEPLIN (LZ) नामक एक डार्क मैटर डिटेक्टर का प्रयोग किया जा रहा है। वर्तमान में यह विश्व का सबसे संवेदनशील डार्क मैटर डिटेक्टर है।

वाहनों के बढ़ते उत्सर्जन से हिमनदों का ह्रास

05-Aug-2022

हाल ही में, पश्चिमी हिमालय के द्रास बेसिन के हिमनदों (Glaciers) में होने वाली कमी को ‘एन्वार्मेंटल साइंस एंड पॉल्यूशन रिसर्च’ नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। यह हिमालय के ग्लेशियरों के लिये गंभीर खतरे का संकेत है।

विदेशी मुद्रा भंडार में कमी

04-Aug-2022

हाल ही में, डॉलर के अधिमूल्यन एवं भारत से पूंजी के बहिर्वाह के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में निरंतर कमी हो रही है। यह वर्तमान में 572.71 बिलियन डॉलर हो गया है, जो 3 सितंबर, 2021 को 642.45 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गया था।  

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