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CURRENT AFFAIRS

श्वेत बौना प्रणाली

Science and Technology 13-Feb-2026

हाल ही में, नासा (NASA) के Imaging X-ray Polarization Explorer (IXPE) मिशन ने इतिहास में पहली बार किसी श्वेत बौना प्रणाली (White Dwarf System) की आंतरिक बनावट का विश्लेषण किया है। इस शोध के दौरान EX Hydrae नामक द्वितारा तंत्र में गैस की गतिशीलता और एक्स-रे उत्सर्जन से जुड़ी कई नई व चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आई हैं।

भारत में कौशल विकास का पुनर्मूल्यांकन

Governance 12-Feb-2026

विगत दस वर्षों में भारत ने कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक संस्थागत ढाँचा विकसित किया है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के अंतर्गत वर्ष 2015 से 2025 के बीच लगभग 1.40 करोड़ युवाओं को विभिन्न प्रकार का कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके बावजूद कौशल-आधारित शिक्षा अभी तक युवाओं के लिए एक आकर्षक एवं प्रतिष्ठित करियर विकल्प के रूप में स्थापित नहीं हो सकी है।

एमपेंबा प्रभाव

Science and Technology 12-Feb-2026

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक स्वायत्त संस्थान ‘जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (JNCASR)’ के शोधकर्ताओं ने सुपरकंप्यूटरों का उपयोग करके बर्फ निर्माण का पहला सिमुलेशन विकसित किया है जो पानी के एमपेंबा प्रभाव (Mpemba Effect) को सिद्ध करता है। साथ ही, यह इस बात को भी दर्शाता है कि यह पानी के अलावा अन्य प्रणालियों में तरल से ठोस संक्रमण के दौरान भी प्रकट हो सकता है। 

भारत में हवाई अड्डों का निजीकरण

Governance 12-Feb-2026

भारत में हवाई अड्डों के निजीकरण की प्रक्रिया अब नई दिशा में प्रवेश कर रही है। तीसरे चरण में 11 हवाई अड्डों को पांच समूहों में बाँटकर निजी ऑपरेटरों के लिए बोली के लिए खोलने की योजना है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप एप्प्राइजल कमिटी (PPPAC) को भेजा है ताकि इसकी सिद्धांतगत मंजूरी और विस्तृत समीक्षा की जा सके। 

जैव-सामग्री

Enviroment 12-Feb-2026

वर्तमान समय में जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्थाएँ प्लास्टिक और वस्त्र जैसे उपभोक्ता उत्पादों के लिए टिकाऊ व स्वच्छ प्रक्रियाओं की ओर बढ़ रही हैं, जैव-सामग्री (Biomaterials) मटेरियल इंजीनियरिंग (Materials Engineering) के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर रही हैं। 

घासभूमियों के संरक्षण की वैश्विक एवं राष्ट्रीय आवश्यकता

Environment & Ecology 12-Feb-2026

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय चरागाह एवं चरवाहा समुदाय वर्ष’ घोषित किया जाना इस तथ्य की स्वीकारोक्ति है कि अब तक वैश्विक पर्यावरण विमर्श में घासभूमियों और उन पर निर्भर समुदायों को अपेक्षित महत्व नहीं मिला है। जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता ह्रास और भूमि क्षरण की त्रिस्तरीय चुनौती के बीच यह घोषणा एक अवसर भी है और एक चेतावनी भी। 

महिलाओं की शक्ति: भारत की हरित अर्थव्यवस्था का भविष्य

Social Justice 12-Feb-2026

भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के बड़े लक्ष्य की ओर अग्रसर है। किंतु एक प्रमुख भारतीय थिंक टैंक ‘ऊर्जा, पर्यावरण एवं जल परिषद (CEEW)’ की हालिया रिपोर्ट ‘विकसित भारत के लिए हरित अर्थव्यवस्था का निर्माण’ दर्शाती है कि अगर महिलाओं को हरित मूल्य श्रृंखलाओं में सक्रिय रूप से शामिल नहीं किया गया, तो यह लक्ष्य अधूरा रह सकता है। 

केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 2025

Indian Economy 12-Feb-2026

केंद्र सरकार ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 2025 और तंबाकू उत्पादों से जुड़े कर परिवर्तनों को अधिसूचित कर दिया है। नया नियम 1 फरवरी, 2026 से प्रभावी हो रहा है। इसके प्रमुख उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करना हैं।

भारत का चावल उत्पादन और जल संकट

Environment & Ecology 12-Feb-2026

हाल के वर्षों में भारत ने चावल उत्पादन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए चीन को पीछे छोड़ दिया है और विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।

भारत में भूमि प्रशासन और न्यायिक हस्तक्षेप

Governance 12-Feb-2026

हाल ही में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने समीउल्लाह बनाम बिहार राज्य मामले में संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया की जटिलताओं पर टिप्पणी करते हुए इसे कई भारतीयों के लिए ‘कष्टदायक’ बताया है। यह निर्णय भूमि लेनदेन में मौजूद प्रशासनिक व कानूनी जटिलताओं को उजागर करता है और संपत्ति पंजीकरण एवं स्वामित्व के बीच अंतर को स्पष्ट करता है।  

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