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CURRENT AFFAIRS

दुर्लभ पृथ्वी परिकल्पना : जटिल जीवन की दुर्लभता

Science and Technology 12-Nov-2025

केप्लर और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) से प्राप्त हालिया आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि पृथ्वी के आकार वाले ग्रह ब्रह्मांड में बहुत दुर्लभ नहीं हैं। लेकिन ऐसे ग्रहों पर जटिल जीवन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ अब भी अत्यंत दुर्लभ मानी जाती हैं। यही प्रश्न “दुर्लभ पृथ्वी परिकल्पना (Rare Earth Hypothesis)” का मूल है।

कृषि और जैव विविधता संरक्षण (Agriculture and Biodiversity Conservation)

Environment & Ecology 12-Nov-2025

कृषि और जैव विविधता का रिश्ता गहराई से जुड़ा हुआ है — कृषि जैव विविधता पर निर्भर भी है और उसकी संरक्षक भी। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में, जहां लगभग 55% जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है, वहां जैव विविधता का संरक्षण खाद्य सुरक्षा, पोषण, आजीविका और पारिस्थितिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (Bioeconomy) — नवाचार, संवृद्धि और सतत विकास की दिशा में कदम

Environment & Ecology 12-Nov-2025

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने हाल ही में जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार परिषद (BRIC) के द्वितीय स्थापना दिवस पर घोषणा की कि भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (Bioeconomy) आने वाले वर्षों में 300 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच जाएगी।

डंपसाइट रीमेडिएशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम (DRAP)“लक्ष्य — सितंबर 2026 तक Zero Dumpsite India”

Environment & Ecology 12-Nov-2025

भारत के शहरों में ठोस अपशिष्ट (Solid Waste) प्रबंधन एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती है। अधिकांश नगर निगमों के पास पुरानी डंपसाइट्स (Legacy Dumpsites) हैं जहाँ वर्षों से जमा कचरा भूमि, जल और वायु प्रदूषण का कारण बन रहा है।

इंटीग्रिटी मैटर्स चेकलिस्ट: कॉरपोरेट जलवायु जवाबदेही की नई दिशा

Environment & Ecology 12-Nov-2025

ग्लोबल रिपोर्टिंग इनिशिएटिव (GRI) ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के सहयोग से “इंटीग्रिटी मैटर्स चेकलिस्ट (Integrity Matters Checklist)” नामक एक नई पहल शुरू की है। 

राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस: न्याय तक हर नागरिक की पहुंच

Indian Polity 12-Nov-2025

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। हमारे संविधान का अनुच्छेद 39A स्पष्ट कहता है कि राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी नागरिक आर्थिक या अन्य अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। 

“भारत में वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation in India ) :- संवैधानिक और संस्थागत ढांचा, चुनौतियां , योजनाएं व पहलें 

Environment & Ecology 11-Nov-2025

भारत जैव-विविधता की दृष्टि से विश्व के 17 मेगा-डायवर्स देशों में से एक है। यहां लगभग 8% वैश्विक जैव विविधता पाई जाती है — जिसमें स्तनधारियों की 7%, पक्षियों की 12%, उभयचरों की 6% और पुष्पीय पौधों की लगभग 6% प्रजातियां शामिल हैं।

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Board for Wildlife - NBWL)

Environment & Ecology 11-Nov-2025

भारत में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता सुरक्षा के लिए कई संस्थागत ढांचे बनाए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) देश का सर्वोच्च परामर्शदात्री निकाय है, जो वन्यजीव नीति, संरक्षण योजनाओं और संरक्षित क्षेत्रों की अधिसूचना संबंधी निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इंडियन लेबर्नम

Enviroment 11-Nov-2025

सीज़नवॉच के अनुसार, विगत कुछ वर्षों में इंडियन लेबर्नम वृक्षों के फूल सामान्य से पहले ही खिलने लगे हैं। सीज़नवॉच वृक्षों के फीनोलॉजी (Phenology- फलोद्गदिकी) पर नजर रखने वाली एक नागरिक विज्ञान परियोजना है।

बुकर पुरस्कार, 2025

Art and Culture 11-Nov-2025

डेविड स्ज़ाले (David Szalay) ने अपने उपन्यास ‘फ्लेश’ (Flesh) के लिए 2025 का बुकर पुरस्कार जीता है और अंग्रेजी भाषी दुनिया में शीर्ष पुरस्कारों में से एक जीतने वाले पहले हंगेरियन-ब्रिटिश लेखक बन गए। 

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