Current Affairs 05-Sep-2025
हाल ही में बिहार के एक नेता ने घोषणा की है कि सत्ता में आने पर वे आरक्षण को 85% तक बढ़ा देंगे।
Current Affairs 05-Sep-2025
भारत में अंगदान और प्रत्यारोपण से जुड़े नियम समाज में कई नैतिक, कानूनी एवं भावनात्मक प्रश्न खड़े करते हैं। खासकर तब, जब दाता एवं प्राप्तकर्ता नज़दीकी रिश्तेदार न होकर केवल परिवारिक मित्र हों। हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय ने इसी मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है जिसने अंगदान प्रक्रिया की जटिलताओं एवं कमियों को उजागर किया।
Current Affairs 05-Sep-2025
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के पुनर्गठन को मंज़ूरी दी।
Current Affairs 05-Sep-2025
भारत की कॉफी उत्पादन का सबसे बड़ा हिस्सा कर्नाटक के चिकमंगलूरु, कूर्ग एवं हासन जिलों से आता है। हाल ही में इन क्षेत्रों में लगातार तीन महीने से अधिक समय तक भारी बारिश, अत्यधिक ठंड और धूप की कमी ने कॉफी बागानों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। अनुमान है कि इस बार कॉफी उत्पादन में 20 से 30% तक की गिरावट हो सकती है।
Current Affairs 05-Sep-2025
भारत ने हाल ही में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ एक व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA) पर हस्ताक्षर किया है, जो 1 अक्तूबर, 2025 से लागू होगा।
Current Affairs 04-Sep-2025
भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाते हुए केंद्र सरकार ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई।
Current Affairs 04-Sep-2025
मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) आज वैश्विक स्तर पर गंभीर चुनौती के रूप में उभर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। आत्महत्या (Suicide) युवाओं में मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुकी है, जो समाज एवं नीति-निर्माताओं के लिए गहरी चिंता का विषय है।
Current Affairs 04-Sep-2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29-30 अगस्त, 2025 को 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान का दौरा किया।
Current Affairs 04-Sep-2025
भारत और कई अन्य देश कार्बन मूल्य निर्धारण व कराधान के माध्यम से जलवायु कार्रवाई को मज़बूत करने के तरीके तलाश रहे हैं।
Current Affairs 04-Sep-2025
भारत में रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों को प्राय: गंभीर चोटों, अक्षमता एवं आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेकर सैन्य प्रशिक्षण के दौरान घायल और अक्षम हुए कैडेट्स के मामले में हस्तक्षेप किया, जिसने नौकरशाही की असंवेदनशीलता तथा रक्षा कर्मियों की अनदेखी पर सवाल उठाए।
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