CURRENT AFFAIRS

एर्वेबो (Ervebo) वैक्सीन

International Issues 22-Aug-2026

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और उसके सहयोगी संगठनों ने जानकारी दी कि कांगो को एर्वेबो वैक्सीन की 70,000 खुराकें उपलब्ध कराई जाएंगी। 

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा)

Governance 22-Aug-2026

भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्व केवल खाद्य सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों किसानों की आजीविका भी इससे जुड़ी है। कृषि क्षेत्र में किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव, बंपर उत्पादन, मांग-आपूर्ति में असंतुलन और फसल कटाई के समय कीमतों में गिरावट किसानों को कई बार अपनी उपज मजबूरी में कम दाम पर बेचने के लिए विवश करती है। इसी चुनौती से निपटने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लाभ को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की शुरुआत की। 

ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर (OBPP)

Indian Economy 22-Aug-2026

हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स (OBPPs) के लिए एक विज्ञापन संहिता का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य इन प्लेटफॉर्म्स की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ निवेशकों के बीच बॉन्ड जैसे निवेश साधनों के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है।  

भारत-जापान रक्षा सहयोग: समुद्री सुरक्षा MoA और इंडो-पैसिफिक साझेदारी

International Issues 22-Aug-2026

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय रक्षा वार्ता की। रक्षा मंत्री के रूप में कोइज़ुमी की यह पहली भारत यात्रा है।

NAMASTE योजना

Government Schemes 21-Aug-2026

सरकार स्वच्छता व्यवस्था को मशीनीकृत बनाने और NAMASTE योजना का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी बीच, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने योजना के तहत स्वरोजगार और पूंजीगत सब्सिडी के लिए किए गए आवेदनों के लगातार अस्वीकार होने पर चिंता जताई है। 

सतत विकास की राह दिखाती भारत की ब्लू इकोनॉमी

Indian Economy 21-Aug-2026

समुद्र केवल जल का विशाल विस्तार नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, रोजगार, जैव-विविधता और जलवायु संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वैश्विक स्तर पर समुद्री संसाधनों और ‘ब्लू इकोनॉमी’ की बढ़ती भूमिका के बीच भारत ने अपनी समुद्री संपदा को वैज्ञानिक रूप से समझने और उसके सतत उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने सेंटर फॉर मरीन लिविंग रिसोर्सेज एंड इकोलॉजी (सीएमएलआरई) की रजत जयंती के अवसर पर ‘भारतीय ईईजेड के गहरे समुद्र और दूर-समुद्र के मछली संसाधनों पर राष्ट्रीय रिपोर्ट’ जारी की है।

विमल इलायची के विज्ञापन पर एफडीए का शिकंजा

Governance 21-Aug-2026

विज्ञापन की दुनिया में किसी ब्रांड की पहचान केवल उसके उत्पाद तक सीमित नहीं रहती। कई बार ब्रांड का नाम, लोगो, रंग, प्रस्तुति और प्रचार का तरीका उपभोक्ताओं के मन में एक खास उत्पाद की छवि बना देता है। यही वजह है कि तंबाकू और पान मसाला जैसे प्रतिबंधित या नियंत्रित उत्पादों के विज्ञापन पर कानून की नजर लगातार बनी रहती है। महाराष्ट्र में ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर सरोगेट विज्ञापन के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

वन से बाजार तक: आदिवासी अर्थव्यवस्था को नई ताकत देता पीएमजेवीएम

Indian Economy 21-Aug-2026

भारत के जंगलों में रहने वाले लाखों आदिवासी परिवारों के लिए लघु वन उत्पाद (एमएफपी) केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। शहद, तेंदू पत्ते, महुआ के फूल, इमली, लाख, बांस और जंगली जड़ी-बूटियां जैसे उत्पाद आदिवासी समुदायों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। अनुमानतः कई परिवारों की वार्षिक आय में एमएफपी की हिस्सेदारी करीब 20 से 40 प्रतिशत तक होती है। इसके बावजूद लंबे समय तक बिचौलियों की भूमिका के कारण उत्पाद संग्राहकों को उनके उत्पाद का वास्तविक बाजार मूल्य नहीं मिल पाता था। 

दक्षिण एशियाई स्वास्थ्य के लिए आनुवंशिक आंकड़ों में विविधता की जरूरत

Science and Technology 21-Aug-2026

दक्षिण एशियाई आबादी में मधुमेह, हृदय रोग और अन्य गैर-संचारी बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद इन बीमारियों के आनुवंशिक कारणों और जोखिम का अध्ययन करने वाले वैश्विक शोध में दक्षिण एशियाई लोगों का प्रतिनिधित्व बेहद कम है। यह अंतर केवल वैज्ञानिक अनुसंधान की कमी नहीं है, बल्कि भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं की सटीकता और समानता से भी जुड़ा सवाल है।

सुप्रीम कोर्ट ने ‘उद्योग’ की परिभाषा में किया संशोधन: बेंगलुरु जल आपूर्ति मामला और ‘त्रि-परीक्षण’ की व्याख्या

Indian Polity 21-Aug-2026

सुप्रीम कोर्ट की नौ-न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ ने (बैंगलोर जल आपूर्ति एवं सीवरेज ... बनाम आर. राजप्पा एवं अन्य Bangalore Water Supply & Sewerage Board v. R. Rajappa (1978) मामले में दी गई “उद्योग” (Industry) की व्यापक व्याख्या में संशोधन किया है।

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