Reports and Index 18-Sep-2026
विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा हाल ही में जारी ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2026 में भारत 131वें स्थान पर बना हुआ है। वहीं आइसलैंड, फिनलैंड और नॉर्वे ने क्रमशः शीर्ष तीन स्थान बरकरार रखे हैं।
Government Schemes 18-Sep-2026
पीएम विश्वकर्मा योजना अपने शुभारंभ के लगभग तीन वर्ष पूर्ण करने जा रही है और अब तक 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य हासिल कर चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण सहायता, डिजिटल प्रोत्साहन और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। लाभार्थियों को उद्यम असिस्ट, जीईएम, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों से जोड़कर उनके उत्पादों के लिए नए बाजार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि के मूल मंत्र पर आधारित यह योजना गुरु-शिष्य परंपरा और पारंपरिक कौशल को मजबूत करते हुए कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Governance 18-Sep-2026
हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मुंबई में विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर भारत का नेट जीरो (शुद्ध-शून्य उत्सर्जन) पोर्टल और जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) डैशबोर्ड का शुभारंभ किया।
Govt. Policy & Intervention 18-Sep-2026
भारत जैसे विकासशील देश में आर्थिक विकास की सफलता केवल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि से नहीं, बल्कि रोजगार की गुणवत्ता, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने से भी निर्धारित होती है। इसी संदर्भ में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह करना सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के ईपीएफओ के दायरे में आने की संभावना है।
Environment & Ecology 16-Sep-2026
भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास में कोयले की भूमिका लंबे समय तक महत्वपूर्ण बनी रहने वाली है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) पारंपरिक खनन पद्धतियों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित, सुरक्षित, कुशल और अधिक टिकाऊ खनन व्यवस्था विकसित कर रहा है। भूमिगत (UG) और खुली खदानों (OC) दोनों में आधुनिक मशीनरी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और रिमोट मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
Science and Technology 16-Sep-2026
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारका स्थित यशोभूमि में SEMICON India 2026 का उद्घाटन करेंगे। दुनिया की बड़ी चिप कंपनियों के प्रतिनिधि, निवेशक, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ इस आयोजन में जुटेंगे। तीन दिनों तक भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा दुनिया के सामने होगी। ऐसे समय में, जब चिप आधुनिक अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत बन चुकी है, यह आयोजन महज एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत के बदलते औद्योगिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
DEFENCE 16-Sep-2026
हाल ही में भारत-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास “युद्ध अभ्यास” के 22वें संस्करण का उद्घाटन समारोह उत्तराखंड के औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सेना की 14वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमरेश गुंजन और अमेरिकी सेना की 11 वीं एयरबोर्न डिवीजन की पहली इन्फैंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के कमांडर कर्नल बेंजामिन जैकमैन ने दोनों पक्षों के 600-600 जवानों वाले प्रतिभागी दलों को संबोधित किया। यह अभ्यास राजस्थान के औली और महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी एक ही समय पर आयोजित किया जा रहा है।
Indian Economy 16-Sep-2026
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों के लिए राहत की खबर है। नए यूपीआई फ्रेमवर्क के तहत पर्सन-टू-पर्सन यानी पी2पी लेन-देन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। यानी किसी व्यक्ति को यूपीआई के जरिए पैसा भेजने या प्राप्त करने पर लेन-देन की राशि कितनी भी हो, ग्राहक से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। दूसरी ओर, ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए लागू शून्य-एमडीआर व्यवस्था भी जारी रहेगी।
Environment & Ecology 16-Sep-2026
हाल ही में नई दिल्ली में छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य लंबे समय से अटकी किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ करना है।
Indian Economy 16-Sep-2026
जो चीज कभी नारियल की सामान्य भूसी मानकर छोड़ दी जाती थी, वह आज भारत के तटीय और ग्रामीण अंचलों में उद्यम, नवाचार और आजीविका का एक मजबूत जरिया बन चुकी है। नारियल का रेशा (कॉयर) एक प्राकृतिक, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम पीढ़ियों से भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार रहा है। आज देश के उद्यमी और कारीगर इसे पारंपरिक रस्सियों और चटाइयों से निकालकर हस्तशिल्प, जैव-उर्वरक, और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों जैसे उच्च-मूल्य वाले उत्पादों में बदल रहे हैं।
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