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CURRENT AFFAIRS

अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का जिला-स्तरीय आईना

Indian Economy 12-Sep-2026

भारत की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में छोटे व्यापार, घरेलू उत्पादन, विनिर्माण और सेवाओं की बड़ी भूमिका है। लंबे समय तक इसे मुख्यतः राज्य या राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों से समझा जाता रहा। अब सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने पहली बार अनिगमित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE), 2025 के आधार पर पहली बार जिला-स्तरीय अनुमान जारी किए हैं। गैर-कृषि अनिगमित क्षेत्र से जुड़े ये आंकड़े महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी, आय, उद्यम स्वामित्व और आर्थिक गतिविधियों के भौगोलिक वितरण की स्पष्ट तस्वीर देते हैं। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी और साक्ष्य-आधारित नीतियां बनाने में मदद मिल सकती है। 

ई-फास्ट इंडिया (e-FAST India)

Governance 12-Sep-2026

हाल ही में नीति आयोग (NITI Aayog) की ई-फास्ट इंडिया (e-FAST India) पहल ने 5वें ई-फास्ट इंडिया समिट 2026 (5th e-FAST India Summit 2026) के दौरान प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट (Platform for Aggregating Clean Transport - PACT) और जेडईटी मार्केटप्लेस (ZET Marketplace) की शुरुआत की। 

हिंदी दिवस 2026: प्रमुख बिंदु, इतिहास, महत्त्व, अनुच्छेद 343, राजभाषा अधिनियम और प्रमुख तथ्य

Important Days 11-Sep-2026

भारत में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस (Hindi Diwas) मनाया जाता है। यह दिन उस ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में मनाया जाता है, जब 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था।

ब्रिक्स : समावेशी वैश्विक व्यवस्था की तलाश में ग्लोबल साउथ की नई आवाज

International Issues 11-Sep-2026

विश्व व्यवस्था तेजी से बदल रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में शक्ति का केंद्र धीरे-धीरे पारंपरिक पश्चिमी शक्तियों से आगे बढ़कर एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ओर खिसक रहा है। इसी बदलती तस्वीर के बीच ब्रिक्स आज केवल उभरती अर्थव्यवस्थाओं का आर्थिक समूह नहीं, बल्कि वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, लोकतांत्रिक और संतुलित बनाने की आकांक्षा का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। विकास, वित्त, व्यापार, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और लोगों के बीच संपर्क जैसे मुद्दों पर सहयोग के माध्यम से ब्रिक्स, ग्लोबल साउथ की आवाज को वैश्विक विमर्श में अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास कर रहा है।

पीएम श्री: आदर्श स्कूलों से बदलती स्कूली शिक्षा की तस्वीर

Govt. Policy & Intervention 11-Sep-2026

भारत की स्कूली शिक्षा आज एक ऐसे मोड़ पर है, जहाँ केवल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। चुनौती अब ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करने की है, जो हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, समान, समावेशी और भविष्य के लिए उपयोगी शिक्षा दे सके। देश के करीब 14.71 लाख स्कूलों में 24.69 करोड़ से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इतनी विशाल व्यवस्था में बदलाव लाना आसान नहीं, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने इसकी दिशा स्पष्ट कर दी है। इसी दिशा को स्कूल स्तर पर जमीन पर उतारने की कोशिश है—‘प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ यानी ‘पीएम श्री’ योजना।  

पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता

Indian Polity 11-Sep-2026

भारत में राजनीतिक दल लोकतंत्र के प्रमुख संस्थान हैं, जो नागरिकों को प्रतिनिधित्व देने के साथ शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। छोटे एवं नए दल स्थानीय व क्षेत्रीय आकांक्षाओं को स्वर देते हैं। हालांकि, राजनीतिक दलों के वित्तपोषण में पारदर्शिता का अभाव चिंता का विषय है। हालिया बीबीसी न्यूज़ हिंदी की जाँच के अनुसार, गुजरात के छह पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 2023-24 में लगभग ₹1,700 करोड़ का चंदा मिला, जो भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर पाँच राष्ट्रीय दलों के कुल ₹1,480 करोड़ से अधिक है। इससे राजनीतिक चंदे, कर छूट, वित्तीय पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की नियामकीय शक्तियों पर गंभीर सवाल उठते हैं। 

डिजिटल भारत निधि

Governance 11-Sep-2026

हाल ही में झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दूरसंचार विभाग (डीओटी) के तहत डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) ने नई दिल्ली के संचार भवन में राज्य के नेतृत्व वाले मॉडल के तहत राज्य में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के कार्यान्वयन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

नीली अर्थव्यवस्था को नई गति

Indian Economy 11-Sep-2026

भारत में समुद्र केवल प्राकृतिक संपदा का स्रोत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका और देश की खाद्य एवं आर्थिक सुरक्षा का आधार भी है। लगभग तीन करोड़ लोगों, विशेषकर हाशिए पर रहने वाले और तटीय समुदायों की आजीविका मत्स्य क्षेत्र पर निर्भर है। पिछले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र पारंपरिक मछली पकड़ने की गतिविधि से आगे बढ़कर आधुनिक जलीय कृषि, निर्यात, तकनीक और नीली अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। इसी परिवर्तन को गति देने के लिए वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) शुरू की गई थी। 10 सितंबर 2026 को योजना के छह वर्ष पूरे होना भारत के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

सर्दियों में तीन गुना तक बढ़ता कचरे का धुआँ: छोटे शहरों पर सबसे ज्यादा बोझ

Environment & Ecology 10-Sep-2026

भारत में सर्दी आते ही वायु प्रदूषण पर बहस तेज हो जाती है। वाहनों का धुआँ, उद्योगों का उत्सर्जन, निर्माण कार्य और पराली जलाने को लेकर खूब चर्चा होती है। लेकिन शहरों की गलियों, खाली प्लॉटों और कूड़े के ढेरों में सुलगती आग अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) इंडिया के एक अध्ययन ने इसी उपेक्षित समस्या की गंभीरता सामने रखी है। इसके मुताबिक सर्दियों में खुले में कचरा जलाने की घटनाएँ, जलाए जाने वाले कचरे की मात्रा और उससे होने वाला उत्सर्जन गर्मियों की तुलना में तीन गुना तक बढ़ सकता है।

महासागर अनुसंधान पोत (ओआरवी) सागर मंथन

Science and Technology 10-Sep-2026

हाल ही में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री ने कोलकाता स्थित ऋषि बंकिम शिपयार्ड में भारत के उन्नत महासागर अनुसंधान पोत (ORV) ‘सागर मंथन’ का शुभारंभ किया। 

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